Punjab News: चंडीगढ़, 7 जून। पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की धूरी में आयोजित जनसभा को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता ने भाजपा को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राज्य में उसकी राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
“खाली कुर्सियों को संबोधित कर लौटे मुख्यमंत्री”
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि धूरी में आयोजित भाजपा की जनसभा में लोगों की उपस्थिति बेहद कम रही और बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली दिखाई दीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जनता को संबोधित करने आए थे, लेकिन उन्हें खाली कुर्सियों से ही बात करनी पड़ी। चीमा के अनुसार यह स्थिति दर्शाती है कि पंजाब में भाजपा के प्रति लोगों का समर्थन लगातार कमजोर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता चाहे जितनी भी रैलियां और दौरे कर लें, पंजाब के जागरूक लोग उनकी राजनीति को स्वीकार करने वाले नहीं हैं। धूरी की जनसभा ने भाजपा को जमीनी हकीकत दिखा दी है।
किसान आंदोलन का मुद्दा फिर उठाया
वित्त मंत्री ने भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के लोग किसान आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले आंदोलन में 750 से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई थी और पंजाब के लोग उन शहादतों को कभी नहीं भूल सकते।
चीमा ने कहा कि किसानों ने लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार को कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया था। ऐसे में भाजपा के प्रति किसानों और ग्रामीण समाज में नाराजगी आज भी बनी हुई है।
पंजाब के अधिकारों को लेकर भी साधा निशाना
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा केवल किसान विरोधी ही नहीं बल्कि पंजाब विरोधी भी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां हमेशा पंजाब के अधिकारों और संसाधनों को प्रभावित करने वाली रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से पानी के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा पंजाब के हितों के खिलाफ काम करती रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और आम लोगों की समस्याएं बढ़ाई हैं।
पंजाब ने दिया स्पष्ट संदेश
अपने बयान के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब की जनता ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को साफ संदेश दे दिया है कि राज्य में नफरत और टकराव की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा भाईचारे, शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाला राज्य रहा है और जनता इसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहती है।

