Punjab News: चंडीगढ़ में उपभोक्ताओं को सही वजन और सही माप उपलब्ध कराने के लिए कानूनी मेट्रोलॉजी विंग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। विभाग ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। इस दौरान विभाग ने कुल 39.58 लाख रुपये की राशि जुर्माने के रूप में एकत्र की। विभाग की इस कार्रवाई को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर भी जोर
कानूनी मेट्रोलॉजी विंग केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करने का काम भी कर रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुकानदार और कारोबारी ग्राहकों को सही वजन और माप के अनुसार सामान उपलब्ध कराएं। इसके लिए बाजारों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पैकेज्ड सामान और माप उपकरणों की जांच की गई। जहां भी नियमों में गड़बड़ी मिली, वहां तुरंत कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया। विभाग का मानना है कि नियमित निरीक्षण से बाजार में पारदर्शिता बनी रहती है और उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होता है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त नजर
विभाग द्वारा की गई जांच में कई मामलों में वजन और माप संबंधी नियमों का पालन नहीं पाया गया। ऐसे मामलों में संबंधित व्यापारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि भविष्य में भी नियमों के उल्लंघन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानूनी मेट्रोलॉजी विभाग ने दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने सभी माप उपकरणों का समय-समय पर सत्यापन करवाएं और उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शिता बनाए रखें। इससे अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सकता है।
पारदर्शी बाजार व्यवस्था बनाने की कोशिश
विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सही कीमत और सही मात्रा में सामान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के तहत लगातार निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में जांच अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि बाजार व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
कानूनी मेट्रोलॉजी विंग की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि प्रशासन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। इससे न केवल ग्राहकों को फायदा मिलेगा बल्कि बाजार में निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
