TRP: टीवी इंडस्ट्री में साप्ताहिक रेटिंग्स (Weekly TV Ratings) की वापसी का इंतजार कर रहे टीवी न्यूज चैनल्स के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। अब ये काफी हद तक केरल हाईकोर्ट में लंबित एक याचिका पर टिका हुआ है। उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि यह कानूनी अड़चन दूर हो जाती है, तो BARC India तय समय से पहले भी अपनी साप्ताहिक रेटिंग्स दोबारा जारी कर सकता है।
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सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस बैठक में BARC India के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि BARC ने नई टीवी रेटिंग्स नीति-2026 के सभी आवश्यक प्रावधानों का पालन कर लिया है और संशोधित व्यवस्था के तहत संचालन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
AIDCF की याचिका सबसे बड़ी कानूनी चुनौती
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सबसे बड़ी बाधा ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) की वह याचिका है, जो केरल हाईकोर्ट में लंबित है। इस याचिका के चलते नई नीति के क्लॉज 5.4.1 पर अंतरिम रोक लगी हुई है।
यह क्लॉज ‘लैंडिंग पेज एक्सक्लूजन’ से संबंधित है। नई नीति के अनुसार, टीवी चैनलों की रेटिंग तय करते समय उन दर्शकों के आंकड़ों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो केवल सेट-टॉप बॉक्स के डिफॉल्ट लैंडिंग पेज के कारण किसी चैनल तक पहुंचते हैं।
अदालत की रोक के बाद रुकी थी प्रक्रिया
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 8 मई को नई टीवी रेटिंग नीति जारी की थी। इसके बाद 13 मई को BARC ने लैंडिंग पेज एक्सक्लूजन को लागू करने के लिए आवश्यक परिचालन ढांचा भी तैयार कर लिया था।
लेकिन AIDCF और DEN Networks ने इस प्रावधान को चुनौती देते हुए केरल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। अदालत ने क्लॉज 5.4.1 पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके बाद मंत्रालय ने BARC को निर्देश दिया कि नई नीति के तहत संचालन की अनुमति मिलने तक साप्ताहिक टीवी रेटिंग्स प्रकाशित न की जाएं।
आगे का रास्ता अदालत के घटनाक्रम पर निर्भर
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि AIDCF अपनी याचिका वापस ले लेता है या उसमें ऐसा बदलाव करता है जिससे लैंडिंग पेज एक्सक्लूजन लागू किया जा सके, तो BARC को नई नीति के तहत संचालन की अनुमति मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, यदि मामला लंबे समय तक अदालत में विचाराधीन रहता है, तो साप्ताहिक टीवी रेटिंग्स पर लगी रोक भी जारी रह सकती है।
BARC की भूमिका बरकरार
सूत्रों के अनुसार, सरकार का उद्देश्य BARC के संचालन को बंद करना नहीं है। नई टीवी रेटिंग्स नीति में BARC की भूमिका पहले की तरह बनी हुई है, लेकिन निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इसके तहत पैनल का विस्तार, अधिक प्लेटफॉर्म को शामिल करना और ऑडिट संबंधी नियमों को सख्त बनाया गया है।
उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि मंत्रालय ऐसी स्थिति में रेटिंग्स दोबारा शुरू नहीं करना चाहता, जहां लैंडिंग पेज से मिलने वाली व्यूअरशिप बाजार को प्रभावित करती रहे। ऐसे में BARC की साप्ताहिक टीवी रेटिंग्स की वापसी अब काफी हद तक AIDCF की याचिका के परिणाम पर निर्भर मानी जा रही है।
