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Punjab News: अमेरिका में बिके एमएलए हॉस्टल के विरासती फर्नीचर पर घिरा प्रशासन, स्पीकर संधवां ने मांगी कस्टडी रिपोर्ट

पंजाब
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Punjab News: चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल के विरासती फर्नीचर की अमेरिका में कथित नीलामी और बिक्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए पंजाब विधानसभा के स्पीकर Kultar Singh Sandhwan ने चंडीगढ़ प्रशासन से विस्तृत कस्टडी रिपोर्ट मांगी है।

स्पीकर ने इस मामले में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की, जिसमें संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया कि विरासती फर्नीचर की जिम्मेदारी किस संस्था और विभाग के पास थी।

फर्नीचर की कस्टडी पर उठे सवाल

एमएलए हॉस्टल का यह फर्नीचर केवल सामान्य सरकारी संपत्ति नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और विरासती महत्व रखता है। ऐसे में इसके विदेश तक पहुंचने और नीलामी होने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्पीकर संधवां ने अधिकारियों से यह जानकारी मांगी है कि फर्नीचर की देखरेख और रिकॉर्ड किसके पास था तथा उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस संस्था पर थी।

कई संस्थाओं से जुड़ा है मामला

जानकारी के अनुसार यह विरासती फर्नीचर पंजाब सरकार, हरियाणा सरकार और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की विभिन्न अथॉरिटियों की कस्टडी के दायरे में आता है। ऐसे फर्नीचर का रिकॉर्ड और सूची भी प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षित रखी जाती है।

इसी कारण अब यह जांच की जा रही है कि कहीं रिकॉर्ड प्रबंधन या निगरानी व्यवस्था में कोई चूक तो नहीं हुई।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

स्पीकर संधवां ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय की जाएगी और किसी को भी जिम्मेदारी से बचने नहीं दिया जाएगा।

उनका कहना है कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

चंडीगढ़ की विरासत की सुरक्षा पर जोर

स्पीकर ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी विशिष्ट वास्तुकला और ऐतिहासिक पहचान के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ऐसे में विरासती फर्नीचर से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही शहर की सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचा सकती है।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का दायित्व है कि ऐसी धरोहरों को सुरक्षित रखा जाए और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाए।

रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

अब सभी की नजर चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सौंपी जाने वाली कस्टडी रिपोर्ट पर है। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विरासती फर्नीचर की जिम्मेदारी किसके पास थी और इसके विदेश में पहुंचने तक की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था।

जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और विरासत संरक्षण से जुड़े नए कदमों की घोषणा की जा सकती है।