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Noida: नोएडा के गोदरेज नेस्ट में फ्लैट बुक करवाने वाले ये खबर पढ़ लीजिए

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Noida: नोएडा में गोदरेज नेस्ट प्रोजेक्ट में घर खरीदने वाले कई लोग फ्लैट मिलने में हो रही देरी से परेशान हैं। वर्षों पहले अपने घर का सपना देखकर लोगों ने इस प्रोजेक्ट में अपनी जमा पूंजी लगाई थी, लेकिन तय समय पर घर नहीं मिलने के कारण अब खरीदारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

कुछ खरीदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई और रिटायरमेंट की बचत इस प्रोजेक्ट में लगा दी। इसके बावजूद उन्हें अब तक अपने घर का कब्जा नहीं मिल पाया है। लोगों को डर है कि फ्लैट का इंतजार करते-करते उनकी पूरी रिटायरमेंट की जिंदगी आर्थिक परेशानियों में गुजर सकती है।

वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे खरीदार

गोदरेज नेस्ट प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वाले लोगों ने बेहतर घर और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद में निवेश किया था। कई खरीदारों ने बैंक से होम लोन लिया, जबकि कुछ लोगों ने अपनी वर्षों की बचत और रिटायरमेंट का पैसा घर खरीदने में लगा दिया।

प्रोजेक्ट में देरी के कारण खरीदारों को एक तरफ होम लोन की ईएमआई चुकानी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ किराए के मकान में रहने का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। इससे कई परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

रिटायरमेंट की बचत लगाने वाले खरीदारों की बढ़ी चिंता

सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्होंने अपनी नौकरी के दौरान जमा की गई रकम या रिटायरमेंट की बचत से फ्लैट खरीदा था।

खरीदारों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी आय के साधन सीमित होते जा रहे हैं। ऐसे में घर नहीं मिलने और लगातार बढ़ते खर्च के कारण भविष्य को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है।

ईएमआई और किराए का दोहरा बोझ

फ्लैट का कब्जा नहीं मिलने के कारण कई खरीदारों को आर्थिक रूप से दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें बैंक की ईएमआई चुकाने के साथ-साथ वर्तमान मकान का किराया भी देना पड़ रहा है।

खरीदारों का कहना है कि यदि समय पर फ्लैट मिल जाता तो किराए पर खर्च होने वाली रकम बच सकती थी। लंबे समय से चल रही देरी ने कई परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है।

जल्द घर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं लोग

प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले खरीदार अब निर्माण कार्य पूरा होने और फ्लैट का कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी मांग है कि परियोजना से जुड़े कार्य जल्द पूरे किए जाएं और उन्हें उनके घर सौंपे जाएं।

लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी बचत घर खरीदने में लगाई है। ऐसे में प्रोजेक्ट में देरी केवल आर्थिक नुकसान का कारण नहीं बन रही, बल्कि इससे खरीदारों और उनके परिवारों को मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।