Punjab News: हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पूरे प्रदेश में आज से विशेष गिरदावरी शुरू हो गई है। इस संबंध में पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुखी तरीके से पूरा करें ताकि कोई भी प्रभावित परिवार मुआवज़ा प्राप्त करने से वंचित न रह जाए।
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हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह अभियान युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि पंजाब के हर बाढ़ पीड़ित को 45 दिनों के भीतर मुआवज़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया ईमानदारी और जवाबदेही से पूरी की जाएगी। यह मुआवज़ा कोई एहसान नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों का अधिकार है। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही या जानबूझकर की गई देरी की स्थिति में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि विशेष गिरदावरी की निष्पक्ष और कुशल प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार रोज़ाना आधार पर इस पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेगी। कैबिनेट मंत्री ने गैर-प्रभावित क्षेत्रों के राजस्व अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गाँवों में तैनात करने के भी निर्देश दिए ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। श्री मुंडियां ने बताया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी करवाने के लिए कुल 2167 पटवारियों को तैनात किया गया है। ज़िला स्तर पर अमृतसर में 196, बरनाला में 115, बठिंडा में 21, फरीदकोट में 15, फाज़िल्का में 110, फिरोज़पुर में 113, गुरदासपुर में 343, होशियारपुर में 291, जालंधर में 84, कपूरथला में 149, लुधियाना में 60, मलेरकोटला में 7, मानसा में 95, मोगा में 29, पठानकोट में 88, पटियाला में 141, रूपनगर में 92, संगरूर में 107, एस.ए.एस. नगर में 15, श्री मुक्तसर साहिब में 25 और ज़िला तरन तारन में 71 पटवारी तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष गिरदावरी के लिए तैनात टीमें गाँव-गाँव जाएँगी, खेतों का निरीक्षण करेंगी और फसलों व घरों के नुकसान तथा पशुओं की मृत्यु संबंधी रिपोर्ट तैयार करेंगी। पंजाब सरकार की ओर से अब तक के राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा मुआवज़ा देने संबंधी मुख्यमंत्री के ऐलान को दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि किसानों और निवासियों को एक सप्ताह के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा ताकि बिना किसी देरी के सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि किसानों को फसलों के नुकसान के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये, जिन परिवारों के घर पूरी तरह ढह गए हैं उन्हें 1,20,000 रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों को 40,000 रुपये दिए जाएँगे। इसी प्रकार पशुओं के नुकसान का भी निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा, जिसमें गाय या भैंस के लिए 37,500 रुपये और बकरियों के लिए 4,000 रुपये शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि बाढ़ संबंधी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में लगभग 1,98,525 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसमें गुरदासपुर का 40,169 हेक्टेयर, पटियाला 17,690 हेक्टेयर, तरन तारन 12,828 हेक्टेयर, फाज़िल्का 25,182 हेक्टेयर, फिरोज़पुर 17,257 हेक्टेयर, कपूरथला 17,574 हेक्टेयर, संगरूर 6,560 हेक्टेयर, होशियारपुर 8,322 हेक्टेयर, अमृतसर 27,154 हेक्टेयर, जालंधर 4,800 हेक्टेयर, रूपनगर 1,135 हेक्टेयर, लुधियाना 189 हेक्टेयर, बठिंडा 586.79 हेक्टेयर, एस.ए.एस. नगर 2,000 हेक्टेयर, एस.बी.एस. नगर 188 हेक्टेयर, पठानकोट 2,442 हेक्टेयर, मानसा 12,207.38 हेक्टेयर और मोगा का 2,240 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में मोगा ज़िले में एक और मौत होने से राज्य भर में अब तक कुल 56 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। राजस्व मंत्री ने आगे कहा कि मान सरकार 45 दिनों के भीतर प्रभावित लोगों को मुआवज़ा राशि के चेक सौंपने के लिए प्रतिबद्ध है।
