अब NPS में मिलेगा विकल्प चुनने का अधिकार
Punjab News: पंजाब सरकार (Punjab Government) ने अपने कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) Tier-1 में बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग ने घोषणा की है कि अब सरकारी कर्मचारी (Government Servant) अपनी पसंद के पेंशन फंड और निवेश पैटर्न का चयन कर सकते हैं। यह सुविधा कर्मचारियों को अधिक लचीलापन प्रदान करेगी और उनकी वित्तीय योजना (Financial Planning) को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

हर साल बदला जा सकेगा पेंशन फंड का चयन
आपको बता दें कि सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को अब यह सुविधा मिलेगी कि वे किसी भी सरकारी या निजी पेंशन फंड (Pension Fund) का चयन कर सकते हैं और यह विकल्प हर साल एक बार बदला जा सकता है। यदि कोई कर्मचारी अपनी पसंद दर्ज नहीं करता है, तो डिफॉल्ट स्कीम अपने आप लागू रहेगी।
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निवेश के लिए मिलेंगे ये विकल्प
डिफॉल्ट स्कीम: PFRDA द्वारा तय प्रणाली के अनुसार तीन सरकारी फंड मैनेजरों के जरिए निवेश।
स्कीम जी: 100% निवेश सरकारी बांड में – पूरी तरह सुरक्षित विकल्प।
एल.सी. 25 (LC-25): 25% तक निवेश इक्विटी में – संभलकर निवेश करने वालों के लिए।
एल.सी. 50 (LC-50): 50% तक निवेश इक्विटी में – अधिक रिटर्न चाहने वालों के लिए।
ऑनलाइन होगा चुनाव, बिना नोडल दफ्तर की मंजूरी
कर्मचारियों (Employees) को निवेश का चुनाव करने के लिए किसी सरकारी दफ्तर की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। वे सीआरओ (CRO) लॉगिन के माध्यम से ऑनलाइन विकल्प चुन सकते हैं, जो स्वचालित रूप से प्रमाणित हो जाएगा।
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वित्त विभाग (Finance Department) ने कहा कि अगर कर्मचारी के चुने गए विकल्प से रिटर्न कम आता है या नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी। भविष्य में अगर सरकार कोई नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) लागू करती है, तो डिफॉल्ट और वैकल्पिक योजना के रिटर्न में अंतर की भरपाई भी कर्मचारी से की जा सकती है।
