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Punjab: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने विभिन्न क्षेत्रों की समितियों से सलाह-मशविरा लेकर नई औद्योगिक नीति की योजना का किया शुभारंभ

पंजाब राजनीति
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Punjab News: पंजाब सरकार एक नई औद्योगिक नीति लेकर आ रही है, जो भारत की सबसे बेहतरीन नीति बनने के साथ-साथ पंजाब में औद्योगिक विकास और रोज़गार के अवसर पैदा करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह नीति विभिन्न उद्योगों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की जाएगी।

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पहले चरण में, पंजाब सरकार उद्योगों और सरकार के बीच एक संरचित और सहयोगी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र-विशेष समितियों को अधिसूचित करने जा रही है। ये समितियाँ अधिसूचना की तारीख से 2 वर्षों की अवधि के लिए कार्य करेंगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर सरकार द्वारा बढ़ाया जा सकता है।

क्षेत्रों की सूची इस प्रकार है:

  1. वस्त्र उद्योग – स्पिनिंग, बुनाई, परिधान निर्माण, रंगाई और फिनिशिंग
  2. आईटी सेक्टर
  3. खेल/चमड़े के उत्पाद
  4. मशीन टूल
  5. साइकिल उद्योग
  6. ऑटो और ऑटो कंपोनेंट
  7. हेवी मशीनरी
  8. इलेक्ट्रिक वाहन
  9. नवीकरणीय ऊर्जा
  10. फूड प्रोसेसिंग और डेयरी
  11. स्टील और रोलिंग मिलें
  12. फर्नीचर और प्लाई उद्योग
  13. प्लास्टिक और रासायनिक उत्पाद
  14. लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग
  15. पर्यटन और आतिथ्य
  16. फिल्म और मीडिया
  17. फार्मास्यूटिकल/बायोटेक्नोलॉजी
  18. अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा
  19. विश्वविद्यालय/कोचिंग संस्थान
  20. स्टार्टअप
  21. खुदरा
  22. ईएसडीएम – इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग

मंत्री ने आगे बताया कि प्रत्येक समिति का पहला कार्य सरकार को अपने संबंधित क्षेत्र में पंजाब के मौजूदा औद्योगिक माहौल और प्रदेश की विशेष संरचनात्मक व वित्तीय उपलब्धताओं को ध्यान में रखते हुए नई औद्योगिक नीति के लिए सिफारिशें देना होगा। यह अपेक्षा की जाती है कि समितियाँ अधिसूचना के 45 दिनों के भीतर यह सिफारिशें लिखित रूप में प्रस्तुत करेंगी।

प्रत्येक समिति में एक चेयरपर्सन और उद्योग क्षेत्र से लगभग 8-10 सदस्य होंगे। आवश्यकता अनुसार सरकार अन्य सदस्यों को भी शामिल कर सकती है। मंत्री ने कहा कि सदस्यों का चयन उनके आकार, कार्यक्षेत्र और भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा ताकि विचार-विमर्श के दौरान सभी दृष्टिकोण सामने आ सकें।

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इसके अतिरिक्त, मंत्री ने बताया कि प्रत्येक समिति अपनी बैठकें और चर्चाएं आयोजित कर सकेगी और उन्हें एक अतिरिक्त उपायुक्त सचिवालय सहायता प्रदान करेगा, जो समिति के सचिव के रूप में कार्य करेगा। इसके अलावा, आई एंड सी विभाग से एक जीएम डीआईसी और पीबीआईपी से संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी समिति को आवश्यक डेटा और जानकारी मुहैया कराते हुए सहायता देंगे। सरकार समय-समय पर आवश्यकता अनुसार समितियों की सदस्यता और कार्यक्षेत्र से संबंधित शर्तों में संशोधन का अधिकार सुरक्षित रखेगी।