Private School: बच्चों की किताबों का बिल देख पेरेंट्स चकराए, NCERT की बुक्स गायब, ऐसे चल रहा पूरा गेम !

एजुकेशन
Spread the love

Private School: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही एनसीईआरटी की किताबों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसी जरूरी विषयों की किताबें पहले के मुकाबले महंगी हो गई हैं। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है, खासकर मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों के लिए यह एक बड़ी चिंता बन गई है।

बाजार में किताबों की कमी
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कई शहरों में एनसीईआरटी की किताबें आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। अभिभावकों को एक ही किताब के लिए कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, फिर भी उन्हें पूरी सेट नहीं मिल पा रही है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सत्र की शुरुआत में ही दिक्कतें सामने आ रही हैं।

अभिभावकों की बढ़ती परेशानी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिभावकों का कहना है कि पहले से ही स्कूल फीस, यूनिफॉर्म और अन्य खर्च काफी ज्यादा होते हैं। ऐसे में किताबों की बढ़ती कीमत और उनकी कमी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। कई अभिभावकों ने यह भी कहा कि हर साल नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं, जिससे खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।

छात्रों की पढ़ाई पर असर
किताबों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि कई छात्रों के पास अभी तक सभी जरूरी किताबें नहीं हैं, जिससे वे कक्षा में पढ़ाई ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षकों को भी पढ़ाने में कठिनाई हो रही है क्योंकि सभी छात्रों के पास समान सामग्री उपलब्ध नहीं है।

व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोगों का कहना है कि हर साल नए सत्र से पहले किताबों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही कीमतों को भी नियंत्रित करने की जरूरत है, ताकि शिक्षा सभी के लिए सुलभ बनी रहे।

समाधान की उम्मीद
मीडिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि किताबों की समय पर छपाई, बेहतर वितरण व्यवस्था और ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ाने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी और छात्रों की पढ़ाई बिना रुकावट के जारी रह सकेगी।