Noida: ऑनलाइन बीमा पॉलिसी का रिन्यूअल कराने वाले हो जाएं सावधान
Noida News: अगर आप भी अपनी बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) का ऑनलाइन रिन्यूअल कराते हैं तो जरा सावधान हो जाइए। आपको बता दें कि नोएडा में थाना सेक्टर-24 पुलिस और साइबर सेल नोएडा की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करके एक फर्जी कॉल सेंटर (Fake Call Center) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर (Call Center) से 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें एक युवती भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पीएनबी मेट लाइफ बीमा पॉलिसी (PNB Met Life Insurance Policy) रिन्यूअल का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। आरोपी लोग सेक्टर-11 में कॉल सेंटर चला रहे थे। इनके पास से 16 मोबाइल और बीमा पॉलिसी के 3 बंडल दस्तावेज मिले हैं।
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जानिए क्या है पूरा मामला
पुलिस अधिकारी ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंकज कुमार, राजपाल सिंह, कुशाग्रा पांडे और राहुल यादव के रूप में की है। पकड़े गए आरोपी लोग डार्क वेब या दूसरी साइटों से पीएनबी मेट लाइफ बीमा धारकों की पॉलिसी की पूरी जानकारी रखते हैं। इसके बाद उन धारकों को पॉलिसी रिन्यूअल करने के लिए कॉल किया करते थे। धारकों को फोन पर डिस्काउंट का लालच दिया जाता है। साथ ही कई लुभावने पैकेज और स्कीम बताते थे।
इसके बाद भी अगर पॉलिसी धारक झांसे में नहीं आते तो उन्हें वसूली के नाम पर डराते भी थे। जिससे पॉलिसी धारक झांसे में आ जाते हैं और अपने पैसे उनके द्वारा खोले गए खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। जब धारकों ने पॉलिसी कंपनी में पूछताछ की तो पता चला कि उनकी पॉलिसी रिन्यू नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी लोग हमेशा दूर-दराज के राज्यों से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि शामिल हैं। ये लोग एक जगह पर ज्यादा समय तक नहीं रुकते थे। ये अलग-अलग जगहों पर किराए पर कमरा लेकर इस तरह का काम किया करते थे। ये लोग अब 50 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं। जिसमें 12 से 13 लोगों की पहचान हो चुकी है।
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कई बीमा कंपनी में पहले काम कर चुके हैं आरोपी
पूछताछ में पता चला है कि ये लोग अधिकृत कॉल सेंटर वाले बनकर लोगों का प्राइवेट डेटा (Private Data) जुटाते थे। इसके बाद ये लोग खुद को बीमा अधिकारी बताकर कॉल करते थे। इससे पहले भी ये लोग कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई बीमा संबंधी कंपनियों में काम कर चुके हैं। जिससे इन्हें बीमा पॉलिसियों के बारे में जानकारी भी है। इन लोगों के पास लोगों का निजी डेटा भी था। जिससे लोग बीमा पॉलिसी बंद करने, उसे रिन्यू करवाने और अच्छा रिफंड दिलाने के नाम पर आवेदन लेते थे। ये लोग सरकारी खर्च के नाम पर उन लोगों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
नोएडा में 2 महीने से था एक्टिव थी टीम
गिरफ्तार हुए इन चारों के पास से 1300 से ज्यादा फॉर्म मिले हैं। इसमें लोगों के डेटा और इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी थी। ये लोग पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर कुल रकम का 30 से 35 फीसदी हिस्सा ले लिया करते थे। इनकी ठगी से सबसे ज्यादा प्रभावित वो लोग होते थे जिनकी पॉलिसी शुरू हो चुकी थी और दो से तीन किस्त जमा करने के बाद वो पैसे जमा नहीं करते थे। यही लोग बड़ी जल्दी ठगी का शिकार हो जाते थे। यह गैंग नोएडा में दो महीने से सक्रिय था। पकड़े गए आरोपी लोगों छोटी-छोटी रकम मांगते थे। जैसे 20, 25 हजार रुपये। ऐसे में जिस व्यक्ति की किस्त ज्यादा होती है और उसकी पॉलिसी लैप्स हो जाती है, उसे ये ऑफर समझकर आसानी से पैसे दे देते थे।
