Noida ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के लाखों निवासियों का मेट्रो का सपना एक बार फिर सरकारी फाइलों की भेंट चढ़ गया है। केंद्र सरकार द्वारा मेट्रो की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को संशोधन के लिए वापस भेजे जाने से आक्रोशित निवासियों ने रविवार को नेफोवा (NEFOWA) के नेतृत्व में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध का अनोखा तरीका सेक्टर-71 के पास, जहाँ नोएडा मेट्रो का आखिरी पिलर खड़ा है, वहां प्रदर्शनकारियों ने एक मजबूत रस्सी से पिलर को खींचने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। निवासियों का कहना था कि सरकार अगर मेट्रो को आगे नहीं बढ़ा रही, तो वे खुद इसे खींचकर अपने घरों तक ले जाएंगे।

मुख्य बिंदु:
- दशकों का इंतज़ार: पिछले 10 सालों से मेट्रो का वादा केवल कागजों और चुनावी भाषणों तक सीमित है।
- ट्रैफिक की मार: सार्वजनिक परिवहन के अभाव में निवासियों को घंटों जाम में जूझना पड़ता है, जिससे कामकाजी लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
- आर-पार की जंग: नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने चेतावनी दी कि बार-बार डीपीआर रद्द करना जनता के साथ अन्याय है।
अगला पड़ाव: दिल्ली का जंतर-मंतर स्थानीय लोगों ने अब इस लड़ाई को दिल्ली ले जाने का मन बना लिया है। 26 अप्रैल को जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है।

अब आपको समझाते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है ?
साल 2010 में जब नोएडा एक्सटेंशन में लाखों लोगों ने घर बुक किया गया था तभी उनको ये वादा किया गया था कि चंद सालों में मेट्रो यहां से गुरजरेगी। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी सरकारी वादे पूरे नहीं हुए। लोगों की बढ़ती भीड़ की वजह से सुबह-शाम यहां लंबी भीड़ लगती है जिससे 10 मिनट का सफर तय करने में लोगों को घंटों गंवाने पड़ते हैं। इसी बीच लोगों के बढ़ते आक्रोश की वजह से केंद्र को DPR की फाइल भेजी गई थी लेकिन कमी होने का हवाला देकर केंद्र सरकार ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की डीपीआर को फिर से सुधार के लिए वापस भेज दिया है। जिसकी वजह से लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। आरोप है कि 15 साल से केवल वादे किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य शून्य है। जिसकी वजह से आज ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तमाम निवासी नेफोवा के नेतृत्व में सेक्टर-71 स्थित मेट्रो पहुंचे और अंतिम मेट्रो पिलर को रस्सी से खींचकर ‘नोएडा एक्सटेंशन’ ले जाने की कोशिश की गई।
लोगों का साफ कहना है कि हम जाम में मर रहे हैं और सरकार फाइलों में खेल रही है। ऐसे में 26 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हल्ला बोल की तैयारी।
नोएडा एक्सटेंशन के लोग अब थक चुके हैं! थक चुके हैं उन वादों से जो पिछले 10 सालों से किए जा रहे हैं। आज सेक्टर-71 में कुछ ऐसा हुआ जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी। लोगों का सवाल सीधा है—आखिर कब तक डीपीआर (DPR) के नाम पर हमें उलझाया जाएगा? हर रोज घंटों का जाम और गिरती सेहत अब इस क्षेत्र की पहचान बन गई है। यह अब सिर्फ एक ट्रेन की मांग नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सम्मान की लड़ाई बन गई है। सवाल ये कि क्या सरकार इस बार जागेगी..या फिर ये मुद्दा सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
