Noida: नोएडा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण वाहनों की गति सीमा कम करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद शहर की विभिन्न सड़कों पर नई स्पीड लिमिट लागू कर दी जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर 100 से घटकर 80 किमी प्रति घंटा होगी रफ्तार
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति सीमा है। प्रस्ताव के अनुसार इसे घटाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कम स्पीड लिमिट दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगी।
मुख्य सड़कों पर भी कम होगी स्पीड
नोएडा की प्रमुख सड़कों जैसे मास्टर प्लान रोड नंबर-1, मास्टर प्लान रोड नंबर-2, मास्टर प्लान रोड नंबर-3 और दादरी-सूरजपुर-छलेरा (डीएससी) रोड पर भी स्पीड लिमिट कम करने की तैयारी है। वर्तमान में इन सड़कों पर वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकते हैं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
सेक्टरों के अंदर और सख्त नियम
सेक्टरों के अंदर स्थित आंतरिक सड़कों पर भी वाहनों की गति सीमित की जाएगी। अभी यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक वाहन चलाने की अनुमति है, लेकिन प्रस्ताव के अनुसार इसे घटाकर 40 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। इससे आवासीय क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
स्पीड कैमरे भी होंगे अपडेट
नई स्पीड लिमिट लागू होने के बाद शहर में लगे इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ISTMS) के कैमरों को भी उसी के अनुसार अपडेट किया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार पर वाहन चलाने वालों के खिलाफ स्वतः चालान की कार्रवाई की जाएगी।
मॉडल रोड बनाने की भी तैयारी
नोएडा प्राधिकरण शहर की कुछ प्रमुख सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। इन सड़कों पर स्मार्ट बस स्टैंड, वाई-फाई सुविधा, स्मार्ट बेंच, टैक्सी स्टैंड और अंडरग्राउंड डस्टबिन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर और स्मार्ट शहरी सुविधाएं प्रदान करना है।
सितंबर तक पूरा होगा सिग्नल फ्री प्रोजेक्ट
मास्टर प्लान रोड नंबर-1 को सिग्नल फ्री बनाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस परियोजना को सितंबर 2026 तक पूरा करने का है। हालांकि चौड़ा मोड़ को सिग्नल फ्री बनाने के प्रस्ताव पर ट्रैफिक पुलिस ने कुछ आपत्तियां जताई हैं, जिसके बाद दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
सड़क सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पीड लिमिट कम होने से सड़क हादसों में कमी आएगी और ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी। खासकर एक्सप्रेसवे और व्यस्त मार्गों पर यह फैसला वाहन चालकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
लोगों को बरतनी होगी अतिरिक्त सावधानी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करना होगा। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों से नहीं बल्कि लोगों की जागरूकता और जिम्मेदारी से भी सुनिश्चित होती है। इसलिए सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देना सभी की जिम्मेदारी है।
