Noida Airport

Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट से उड़ने के लिए रेडी रहिए, ये रही उड़ान की डिटेल

नोएडा
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Noida Airport: Noida International Airport से जल्द ही विमान उड़ान भरने वाले हैं। आसपास रहने वाले लोगों को अब Indira Gandhi International Airport जाने की जरूरत कम पड़ सकती है। लंबे समय से चल रही एक बड़ी बाधा अब दूर हो गई है। भारतीय अधिकारी Neetu Samra के अंतरिम सीईओ बनते ही एयरपोर्ट को सुरक्षा से जुड़ी अंतिम मंजूरी मिल गई है।

सुरक्षा मंजूरी मिलते ही शुरू हुई व्यावसायिक उड़ानों की तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने का सपना देखने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। एयरपोर्ट को आखिरकार सुरक्षा से जुड़ी अंतिम मंजूरी मिल गई है, जिससे अब यहां से व्यावसायिक उड़ानों की तैयारी तेज हो गई है।

Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) ने एयरपोर्ट के एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) को मंजूरी दे दी है। इसे एयरपोर्ट संचालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंजूरी माना जाता है।

इस मंजूरी के बाद एयरपोर्ट की लॉन्च पार्टनर एयरलाइंस जैसे

  • IndiGo
  • Air India Express
  • Akasa Air

जल्द ही घरेलू उड़ानों के लिए टिकट बेचना शुरू कर सकती हैं। संभावना है कि जून 2026 के पहले हफ्ते में पहली उड़ान शुरू हो जाए। इससे यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा और दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव भी कम होगा।

क्या है ASP और क्यों है यह जरूरी?

एयरपोर्ट को यह मंजूरी तब मिली, जब विदेशी सीईओ की जगह भारतीय अधिकारी नीतू सामरा को अंतरिम सीईओ नियुक्त किया गया।

ASP (Aerodrome Security Program) के तहत एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जाती है, जैसे:

  • परिधि (Perimeter) सुरक्षा
  • एंटी-हाइजैकिंग उपाय
  • एंट्री पॉइंट्स की निगरानी
  • कर्मचारियों की बैकग्राउंड जांच

अब इस मंजूरी के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी

  • Manohar International Airport
  • Navi Mumbai International Airport

की तरह शुरुआत में घरेलू उड़ानों से संचालन शुरू करेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।

IGI एयरपोर्ट को बनाया जा रहा है बड़ा अंतरराष्ट्रीय हब

इस बीच, Indira Gandhi International Airport को भी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। यहां हब-एंड-स्पोक मॉडल लागू किया जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच ट्रांसफर और आसान हो जाएगा।

यह वही सिस्टम है, जो दुनिया के बड़े एयरपोर्ट्स जैसे:

  • Dubai International Airport
  • Hamad International Airport
  • Singapore Changi Airport

पर पहले से लागू है।

यात्रियों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। टर्मिनल-3 के नए इंटरनेशनल पियर (Pier C) के शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या सालाना 2 करोड़ से बढ़कर 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा, टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 के बीच एयरसाइड ट्रांजिट सुविधा भी जल्द शुरू होगी, जिससे यात्रियों को टर्मिनल बदलने में ज्यादा आसानी होगी।