New Delhi Railway Station

New Delhi Railway Station: बड़ा खुलासा..वो 5 लापरवाही जिसने ले ली 18 जिंदगियां

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New Delhi Railway Station: इस घटना में रेलवे की 5 बड़ी गलतियां सामने आई हैं।

New Delhi Railway Station: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भयावह भगदड़ (Stampede) में 18 लोगों की जान चली गई। स्टेशन पर यात्रियों (Passengers) की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी, और इस भयावह घटना के बावजूद रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में इतना बड़ा जमावड़ा देखा गया कि इससे पहले उन्होंने कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी। हादसे से पहले, स्टेशन (Station) पर मौजूद अधिकारियों और कुलियों ने कई शवों को बाहर निकाला, जबकि अग्निशमन विभाग ने तीन शवों और कुछ घायलों को बाहर निकाला। इस घटना में रेलवे (Railway) की 5 बड़ी गलतियां सामने आई हैं। पढ़िए पूरी खबर…
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रेलवे प्रशासन की ओर से सामने आईं इस घटना में 5 बड़ी गलतियां जो इस भगदड़ का कारण बनीं।

  1. गाड़ियों के विलंब से हुई अव्यवस्था

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) के प्लेटफॉर्म संख्या 14 से मगध एक्सप्रेस रात 9:05 बजे के बजाय 9:18 बजे रवाना हुई। इसके कारण न केवल इस ट्रेन के यात्री बल्कि 10:10 बजे चलने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस (Prayagraj Express) के हजारों यात्री भी स्टेशन पर पहुंच गए। वहीं, प्लेटफॉर्म संख्या 13 पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का समय 9:15 बजे से बदलकर 11:45 बजे कर दिया गया। गाड़ियों के समय में बदलाव से प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और इस भीड़ के नियंत्रण के लिए रेलवे की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए।

  1. हर घंटे 1500 टिकटों की बिक्री

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) पर प्रयागराज जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री पहुंचे थे। इस दौरान हर घंटे करीब 1500 अनारक्षित टिकटों की बिक्री हुई, जिससे प्लेटफॉर्म संख्या 12 से 16 तक यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। यह भीड़ प्लेटफॉर्म के अलावा सीढ़ियों, फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर तक फैल गई थी। यहां तक कि यात्रियों के लिए ट्रेन में चढ़ना तो दूर, चलना भी मुश्किल हो गया था।

  1. भीड़ नियंत्रण के नहीं थे इंतजाम

उत्तर रेलवे हर साल दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के मौके पर नई दिल्ली (New Delhi) और आनंद विहार स्टेशनों पर विशेष बंदोबस्त करता है ताकि प्लेटफॉर्म पर भीड़ न बढ़े। लेकिन महाकुंभ की भीड़ के मद्देनजर इस बार ऐसा कोई विशेष बंदोबस्त नहीं किया गया था। सुरक्षा बलों की भी कमी थी, क्योंकि कई आरपीएफ जवान प्रयागराज भेजे गए थे, जिससे दिल्ली में उनकी संख्या कम थी।

  1. घोषणा के बाद यात्रियों में भगदड़

रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर जब भीड़ काफी बढ़ गई, तो रेलवे ने प्रयागराज स्पेशल गाड़ी की घोषणा की कि यह प्लेटफॉर्म 16 से जाएगी। जैसे ही यह घोषणा हुई, यात्री प्लेटफॉर्म 16 की तरफ दौड़ने लगे। वहीं, कुछ यात्रियों को लगा कि प्रयागराज एक्सप्रेस अब प्लेटफॉर्म 16 पर आएगी, जबकि यह गाड़ी प्लेटफॉर्म 14 पर आनी थी। इस वजह से यात्रियों में और अधिक भगदड़ मच गई और स्थिति और भी बिगड़ गई।

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  1. रेलवे की योजना में खामियां

रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज (Prayagraj) की तरफ जाने वाली अधिकांश ट्रेनें पास के प्लेटफॉर्म से जा रही थीं, जो एक खराब योजना मानी जा रही है। उदाहरण के लिए, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफॉर्म (Passenger Platform) संख्या 13 पर रात 8 बजे से ही पहुंचने लगे थे, जबकि यह गाड़ी रात 12 बजे गई। इसी तरह, प्लेटफॉर्म संख्या 14 से मगध एक्सप्रेस भी 13 मिनट की देरी से चली, जबकि इस समय तक प्रयागराज एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफॉर्म पर पहले ही पहुंच चुके थे।