MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी निर्माण और विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। सरकार का उद्देश्य है कि महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें।
समय सीमा तय, काम में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर परियोजना के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की जाए और काम में किसी भी तरह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि महाकुंभ एक बड़ा आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाएं पहले से मजबूत होनी चाहिए। इसके लिए सड़क, बिजली, पानी और सफाई जैसे कामों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार पर खास जोर
उज्जैन शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़कों का विस्तार, यातायात व्यवस्था में सुधार और घाटों के विकास जैसे काम तेजी से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को इस तरह तैयार किया जाए कि आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा और सुविधाजनक वातावरण मिले।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर फोकस
महाकुंभ के दौरान आने वाले लोगों के लिए रहने, खाने और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल सुविधाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम मजबूत होने चाहिए। इसके अलावा, भीड़ प्रबंधन के लिए भी विशेष योजना बनाई जा रही है।
समन्वय और निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग मिलकर काम करें और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर निगरानी जरूरी है ताकि कोई भी काम अधूरा न रह जाए। प्रशासन को जिम्मेदारी के साथ काम करने और समय पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
उज्जैन को धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
सरकार का लक्ष्य सिर्फ महाकुंभ तक सीमित नहीं है, बल्कि उज्जैन को एक बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन के जरिए शहर की पहचान और मजबूत होगी और इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
