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MP News: ‘संपदा 2.0’ को मिला SKOCH गोल्ड अवॉर्ड, CM मोहन बोले- मध्य प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि

मध्यप्रदेश राजनीति
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उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने की सराहना

MP News: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव की अभिनव पहल ‘संपदा 2.0’ (Sampada 2.0) को शनिवार नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित SKOCH गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में राज्य की बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिए सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने ‘संपदा 2.0’ से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने की सराहना

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि ‘संपदा 2.0’ ने सुशासन और पारदर्शिता के नए आयाम स्थापित किए हैं। यह सम्मान सीएम मोहन यादव के मार्गदर्शन में हो रहे निरंतर नवाचारी प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया गया है। भविष्य में इस पहल को और व्यापक बनाकर लोगों तक अधिक सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। यह पुरस्कार राज्य सरकार की पारदर्शिता, सुशासन एवं तकनीकी नवाचार की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया।

जनसेवा का सशक्त माध्यम बनी तकनीक

‘संपदा 2.0’ के माध्यम से सेवाओं को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने में सफलता मिली है। इस प्लेटफॉर्म ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ाई है, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। भविष्य की दृष्टि से ‘संपदा 2.0’ को और व्यापक बनाने तथा अधिक सेवाएं इससे जोड़ने की योजना है। इससे प्रदेश में डिजिटल सुशासन को नई गति मिलेगी और नागरिकों को और अधिक सरलता से सेवाएं मिल सकेंगी। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है और यह दर्शाती है कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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सम्मान समारोह में इन हस्तियों की उपस्थिति

राजधानी नई दिल्ली में एक गरिमामय कार्यक्रम में प्रोफेसर महेंद्र एस देव, चेयरमैन, प्रधानमंत्री इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल एवं प्रोफेसर आर. कविता राव, संचालक नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी तथा स्कॉच ग्रुप द्वारा ‘संपदा 2.0’ के क्रियान्वयन के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, वाणिज्यिक कर विभाग मध्यप्रदेश शासन को राष्ट्रीय स्कॉच स्वर्ण पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। परियोजना प्रभारी अधिकारी वरिष्ठ जिला पंजीयक स्वप्नेश शर्मा ने पुरस्कार प्राप्त किया।

मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे

मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां 75 दस्तावेज बिना सब रजिस्ट्रार कार्यालय आए वीडियो केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत किए जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति कहीं से भी कभी भी स्वयं के उपयोग के लिए ई-स्टाम्प सृजित कर सकता है। यह प्रक्रिया स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। प्रदेश में ई-रजिस्ट्रेशन के माध्यम से दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन की पेपरलेस व्यवस्था संचालित है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सराहा गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार को कैपिटल इंसेंटिव स्कीम में 200 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। ‘संपदा 2.0’ सॉफ्टवेयर को 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार भी 22 और 23 सितंबर को आंध्रप्रदेश, विशाखापट्टनम में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस में प्रदान किया जाना है।

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अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं

‘संपदा 2.0’ में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश को ई-रजिस्ट्रेशन और ई-स्टैंपिंग की रिफाइंड प्रणाली को उत्कृष्टता के आधार पर राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।