MP News: मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगपतियों की हर जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार है।
MP News: मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल (Textile) और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025’ में उन्होंने टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल चर्चा और वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल हब बनाने के विजन पर विस्तार से बात हुई। सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगपतियों की हर जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार है और रोजगारपरक उद्योगों में कार्यरत महिलाओं के लिए प्रति वर्कर 6,000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी।

भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश की भूमिका
सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में लंबी छलांग लगाई है। 1947 में आजादी के समय भारत की अर्थव्यवस्था 15वें स्थान पर थी, 2014 में यह 11वें स्थान पर थी, और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, ‘यह मंच केवल विक्रेताओं का नहीं, बल्कि खरीदारों का भी है। यह नया प्रयोग और संकल्प है।’ मध्यप्रदेश को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन मध्यप्रदेश’ के तहत टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां और सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में व्यापार में बाधा डालने वाले 42 कानूनों को रद्द कर दिया गया है और उद्योग स्थापित करने के लिए पहले आवश्यक 29 अनुमतियों को घटाकर 10 कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘हम उद्योगों को पानी और बिजली पर सब्सिडी दे रहे हैं। रोजगारपरक उद्योगों में महिलाओं को नौकरी देने पर 10 साल तक प्रति महिला 6,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। सभी छूटों को मिलाकर रोजगारपरक उद्योगों के लिए 200% तक लाभ मिलेगा।’

मध्यप्रदेश बनेगा टेक्सटाइल हब
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में से एक है, जो प्रतिवर्ष 18 लाख गांठ कपास का उत्पादन करता है। राज्य जैविक कपास उत्पादन में अग्रणी है और GOTS प्रमाणित कृषक समूह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, ‘हम ‘खेत से कपड़े तक’ की पूरी वैल्यू चेन में आपके साथी बन सकते हैं। हमारी नई औद्योगिक नीति 2025 उद्योगों और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है।’
सिंगल विंडो सिस्टम और पर्यावरणीय लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 30 दिन के भीतर व्यापार शुरू करने की गारंटी दी जाती है। ऑनलाइन मंजूरी, समयबद्ध अनुमोदन, और उच्च स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा, ‘हम पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण, और जैविक कपास हमारी प्राथमिकता है। हम प्रकृति के अनुकूल कारखाने स्थापित कर रहे हैं।’
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उद्योगपतियों से अपील
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश की अपील करते हुए कहा, ‘आप मध्यप्रदेश आएं, हकीकत देखें, और फिर फैसला करें। आपकी सफलता हमारी सफलता है।’ उन्होंने BSL ग्लोबल आउटरीच समिट को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच सेतु बताते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। यह दो-दिवसीय आयोजन मध्यप्रदेश को वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
