MP News: उज्जैन (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हर कदम उठाया है ताकि उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सड़क परियोजना किसानों के हित को ध्यान में रखकर पूरी हो। मुख्यमंत्री ने किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों को मान लिया है और परियोजना को किसानों के हितों के साथ आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है। (news18.com)
परियोजना क्या है
उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर एक नई सड़क परियोजना है, जो मध्य प्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी, यातायात राहत और आर्थिक लाभ देने वाली है। इसे ग्रीनफील्ड रोड इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पूरी तरह नए मार्ग पर विकसित की जाएगी, न कि पुरानी सड़कों के विस्तार से।
इस सड़क से उज्जैन और इंदौर के बीच यात्रा का समय कम होगा और व्यापार, पर्यटन तथा रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।
किसान मांगों को सीएम ने माना
परियोजना के दौरान कुछ किसानों ने चिंता जताई थी कि उनकी जमीन का उचित मुआवजा, पुनर्वास और उचित अधिकारों का संरक्षण नहीं हो रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद किसानों से मिले और उनकी बात सुनी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में काम करेगी और उनकी जमीन का मुआवजा समय पर तथा उचित तरीके से दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को रोजगार और अन्य सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्रीनफील्ड सड़क बनने से न सिर्फ शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनी, बल्कि किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। नई सड़क से उनके कृषि उत्पादों का परिवहन आसान होगा, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल सकते हैं।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण के दौरान कटे गेहूँ, धान, अन्य फसलें और खेतों के स्वरूप में किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. साथ ही उन्हें उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर भी दिए जाएंगे।
प्रशासनिक तैयारी और भूमि मिलान
भूमि अधिग्रहण और जमीन के मिलान के काम को सही तरीके से और पारदर्शी रूप से किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया किसानों के साथ संवाद करके पूरी की जाएगी ताकि विवाद न खड़ा हो।
किसानों के हित को देखते हुए सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि किसानों को समय पर सूचना, दस्तावेज़ और मुआवजा से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
लोकल लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय किसानों ने सीएम के इस कदम को सराहा है। उनका कहना है कि किसानों की समस्याएँ भी सुनी जा रही हैं और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। इससे किसानों में विश्वास बढ़ा है कि भविष्य में विकास और उनके हित एक साथ चलते रहेंगे।
