Lakshchandi mahayagya

Lakshchandi Mahayagya: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में होगा 1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ का आयोजन

मध्यप्रदेश
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14-21 अप्रैल तक चलेगा यज्ञ महाकुंभ..देश विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु

Lakshchandi Mahayagya: यूपी की पावन धरती प्रयागराज में महाकुंभ के बाद मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर में यज्ञों का महाकुंभ (Maha Kumbh) होने जा रहा है। इस 1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ (Lakshchandi Mahayagya) का विशेष आयोजन 14-21 अप्रैल तक होगा जिसमें देश विदेश के अतिथियों के साथ श्रद्धालु भी पहुंचेंगे।

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इस खास आयोजन को लेकर समाजसेवी श्री वासुदेव गर्ग जी (Shri Vasudev Garg Ji) के निज स्थान फ्रेंड्स कॉलनी वेस्ट में कोर ग्रुप बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक का उद्देश्य गालव ऋषि की तपोभूमि ग्वालियर मध्य प्रदेश में पहली बार विश्व कल्याण एवं राष्ट्र उन्नति के लिए यज्ञों का महाकुंभ 1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ के सफल आयोजन को लेकर विचार विमर्श और उसकी रूप रेखा पर चर्चा करना था।
इस भव्य आयोजन का कार्याध्यक्ष एव मार्गदर्शन राज्यमंत्री श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी बैराग्यानंद गिरी जी महाराज के सान्निध्य में किया जाएगा।

लक्षचंडी यज्ञ को विश्व कल्याण, विश्व शांति, राष्ट्र उत्थान एवं सर्वसिद्धि हेतु एक दिव्य यज्ञ के रूप में संपन्न किया जाएगा, जिसमें 1008 कुंडों की स्थापना की जाएगी। इतना ही नहीं, इसमें 21 आचार्य एवं 11000 विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा 1 लाख दुर्गा सप्तशती के पाठ किये जाएंगे। 11 पवित्र नदियों, 10 महाविद्यायों, 5 महासागर, 2 देवी स्थान और मानसरोवर से जल लाया जाएगा। इस आयोजन में देवी मंत्रों से 11 करोड़ आहुतियां यज्ञ में दी जायेगी। पहली बार भारत भूमि पर यज्ञों के महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है।

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श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी बैराग्यानंद गिरी जी महाराज ने लक्षचंडी यज्ञ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की पावन धरती पर पहली बार लक्षचंडी यज्ञ का विशाल आयोजन होने जा रहा है जिसमें 150 टन देसी गाय के घी से यज्ञ में आहुति दी जाएगी।
इस विशाल यज्ञ में 11 हजार पंडित शामिल होंगे जो अपने मंत्रोच्चार से यज्ञ को सफल बनाएंगे। इस विशेष आयोजन में 6 हजार यजमान आहुति देंगे। इस यज्ञ महाकुंभ के लिए देश विदेश के अतिथियों को निमंत्रण भेजा जा रहा है।

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स्वामी बैराग्यानंद गिरी जी महाराज ने ख़बरी मीडिया से बातचीत में इस बात का जिक्र किया कि आज देश में सनातन धर्म के विरोधियों की बाढ़ सी आ गई है। जो किसी भी सफल आयोजन को असफल बनाने की पुरजोर कोशिश करते हैं। लेकिन सनातनी उनकी इस मंशा को कभी कामयाब नहीं होने देंगे। ऐसी मंशा रखने वाले लोगों की इस यज्ञ महाकुंभ में आहुति दी जाएगी। प्रयागराज महाकुंभ के विशाल आयोजन के बाद ग्वालियर में यज्ञ महाकुंभ इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा। सांसें नहीं होंगी कम..जब यज्ञ करेंगे हम जैसे अद्भुत वाक्य से महाराज ने अपने विचारों को विराम दिया।

समाजसेवी श्री वासुदेव गर्ग जी के मुताबिक ग्वालियर में होने वाले 1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ एक नया इतिहास रचेगा और इसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज होगा। यहां रोजाना 2 लाख से ज्यादा लोगों को भोजन कराया जाएगा। ये महायज्ञ देश और दुनिया को सनातन का नया संदेश देगा।

1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ को लेकर आनंद गिरि महाराज ने प्रसन्नता जाहिर की है। उनका कहना है कि चरित्र निर्माण और विश्व निर्माण के लिए इस तरह के महायज्ञ का आयोजन बेहद जरूरी है।

ग्वालियर चंबल विकास परिषद के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल जी का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ को विश्व पटल ने देखा है। वैसे ही गालव ऋषि की पावन धरती ग्वालियर में 1008 कुंडी लक्षचंडी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसका मकसद सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ पर्यावरण की शुद्धता भी है।

वेल्थ ग्रुप कंपनीज के चेयरमैन कपिल कुमार जी के मुताबिक हर कुंड में स्वर्ण कलश होगा जिससे यज्ञ में आहुतियां दी जाएगी। देसी-विदेशी मेहमानों को लिए इसके लिए निमंत्रण भेजा रहा है। लाखों की तादाद में श्रद्धालु इस महायज्ञ की शोभा बढ़ाएंगे।

लक्षचंडी यज्ञ एवं पाठ और इसके फायदे

लक्षचंडी यज्ञ और पाठ एक बहुत ही अद्वितीय यज्ञोपवीत संस्कार है जिसमें शक्तिशाली सप्तशती मंत्र शामिल हैं और इसमें दुर्गा सप्तशती पाठ के 1 लाख पाठ शामिल हैं। यह पूजा अनुष्ठान बहुत ही दुर्लभ और अद्वितीय है। इस पूजा और यज्ञ में एक महान गुण होता है जो दिव्य देवी से असीम आशीर्वाद दिलाता है। सभी क्षेत्रों में अपार ऊर्जा, नाम, प्रसिद्धि, शक्ति, विजय, स्वास्थ्य और सफलता पाने के लिए दुर्गा सप्तशती का जप करना लाभदायक होता है। यह मानसिक शक्ति को बढ़ाता है और व्यक्ति को भौतिक समृद्धि प्राप्त करने में मदद करता है। लक्षचंडी यज्ञ एक प्राचीन हवन प्रक्रिया है जो सनातन धर्म में महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह यज्ञ लक्ष्मी माता की कृपा प्राप्ति, धन, समृद्धि, और सम्पत्ति के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य धन की वृद्धि, व्यापार में सफलता, और प्रसन्नता की प्राप्ति होती है।

बैठक में प्रमुख रूप से कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्री मुकेश अग्रवाल जी, आयोजन के दौरान होने वाली भागवत कथा के मुख्य यजमान श्री कपील कुमार जी,एवं कलश स्थापना के यजमान श्री राहुल गर्ग जी उपस्थित रहे। इस बैठक के दौरान श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी योगऋषि आनंद गिरी जी ने भी अपनी सहभागिता दर्ज करवाई।

बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों ने यज्ञ की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया तथा इसके सफल संचालन हेतु विभिन्न समितियों का गठन किया गया। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि देश-विदेश से कई बड़ी हस्तियां इस आयोजन के सहभागी बनेंगे। उम्मीद ये भी जताई जा रही है कि इस आयोजन में करीब 50 लाख लोग हिस्सा ले सकते हैं।
आयोजन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

श्री कपिल कुमार – 95400-11783
श्री राहुल गर्ग – 99711-29605