सुरजीत सिंह चानी, लखीमपुर खीरी
Lakhimpur Kheri: यूपी के लखीमपुर खीरी का दुधवा नेशनल पार्क पूरे भारत में मशहूर है। यहां तरह तरह के जानवर, पार्क की शोभा बढ़ाते हैं। हाल ही में लखीमपुर खीरी के टाइगर रिजर्व में दो गैंडों को छोड़ा गया जिसमें एक नर और एक मादा गैंडा शामिल है। इन गैंडों को रेडियो कॉलर भी लगाया गया है ताकि उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा सके।
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दरअसल दुधवा टाइगर रिजर्व के 27 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में करीब चार दशक से गैंडा परियोजना चल रही है. यहां 46 गैंडे रह रहे हैं। इनमें से कुछ गैंडों को खुले जंगल में छोड़ने का निर्णय लिया गया है. खुले जंगल में छोड़ने से पहले दोनों गैंडों का पशु चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया.अब गैंडे खुले में घूम सकेंगे और दुधवा नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों को भी दिखाई दे सकते हैं. दुधवा टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक डॉ. रंगा राजू टी ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है. मुख्य विचरण करने वाले गैंडों का यह पुनर्वासन वन्य जीव प्रबंधन की एक ऐतिहासिक पहल है.
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हालांकि दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडा संरक्षण की शुरुआत 1984 में हुई थी,जब असम और नेपाल से गैंडे लाकर पुनर्वासित किए गए थे. इसके बाद से सख्त सुरक्षा उपायों, प्राकृतिक आवास और वैज्ञानिक अनुसंधान की बदौलत यहां गैंडों की संख्या बढ़ रही है. नवंबर 2024 में 2 गैंडों की सफल रिहाई की गई थी, और अब फिर से दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों में दो गैंडों को छोड़ दिया गया है. अब दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों में 4 गैंडों का समूह मुख्य रूप से विचरण कर रहा है. गैंडों को स्थापित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

