Jharkhand News: झारखंड की अर्थव्यवस्था में हाल के वर्षों में तेज सुधार देखने को मिला है। झारखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी GSDP दोगुना हो गया है और प्रति व्यक्ति आय पहली बार 1 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गई है। यह जानकारी आर्थिक सर्वेक्षण में सामने आई है। इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हुई है।
GSDP हुआ दोगुना
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 2011-12 से 2024-25 के बीच राज्य का वास्तविक GSDP लगभग दोगुना हो गया है। इसका मतलब है कि राज्य में उत्पादन, उद्योग, व्यापार और सेवाओं का दायरा बढ़ा है। विकास की यह रफ्तार आने वाले समय में और तेज हो सकती है।
प्रति व्यक्ति आय 1 लाख से अधिक
राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब 1,16,663 रुपये तक पहुंच गई है। यह पहली बार है जब यह आंकड़ा 1 लाख रुपये के पार गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि आम लोगों की कमाई में सुधार हुआ है। आय बढ़ने से जीवन स्तर में भी सुधार की उम्मीद है।
सेवा क्षेत्र बना मजबूत आधार
झारखंड की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान तेजी से बढ़ा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और व्यापार जैसे क्षेत्रों ने विकास में अहम भूमिका निभाई है। वहीं कृषि क्षेत्र का भी सकल मूल्य वर्धन में 12 प्रतिशत से अधिक योगदान रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
राज्य का बजट भी बढ़ा
पिछले दो दशकों में राज्य का बजट लगभग बीस गुना बढ़ा है। वर्ष 2001-02 में जहां बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इससे विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ा है।
वित्तीय अनुशासन और भविष्य की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार राज्य ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है और खर्च योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
झारखंड की यह आर्थिक प्रगति राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है। GSDP में वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय के बढ़ने से साफ है कि राज्य धीरे-धीरे आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। आने वाले वर्षों में यह विकास और गति पकड़ सकता है।
