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Jharkhand News: इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी: CM हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को दिए निर्देश

दिल्ली NCR
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Jharkhand News: झारखंड में इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। Hemant Soren ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के संभावित इको-टूरिज्म स्थलों की पहचान कर उनके विकास के लिए एक समन्वित (coordinated) कार्ययोजना तैयार की जाए।

यह निर्देश झारखंड विधानसभा में आयोजित झारखंड इको टूरिज्म अथॉरिटी (JETA) की गवर्निंग बॉडी की चौथी बैठक के दौरान दिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री ने की।

विभागों के बीच समन्वय पर जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन, पर्यटन और जल संसाधन विभाग को मिलकर काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ ऐसे स्थानों का चयन करें, जहां इको-टूरिज्म का विकास योजनाबद्ध तरीके से किया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य करते समय पर्यावरण संतुलन (Ecological Balance) बनाए रखना सबसे जरूरी होगा। सरकार का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रकृति और जैव विविधता की सुरक्षा करना है।

इन प्रमुख स्थानों पर होगा इको-टूरिज्म का विकास

बैठक के दौरान अधिकारियों ने राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इको-टूरिज्म विकसित करने की विस्तृत प्रस्तुति दी। इनमें प्रमुख स्थान शामिल हैं:

  • Netarhat
  • Patratu
  • Maithon
  • Chaibasa
  • Dumka
  • Ranchi

इन स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन क्षमता को देखते हुए सरकार यहां बुनियादी ढांचे (infrastructure) का विकास करने की योजना बना रही है।

मसांजोर की तर्ज पर विकसित होगा पत्रातू

बैठक में Patratu को Masanjore की तर्ज पर विकसित करने पर भी चर्चा हुई। मसांजोर डैम और आसपास का क्षेत्र पहले से ही एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि पत्रातू को भी इसी तरह आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक पर्यटन गतिविधियों के साथ विकसित किया जाए, जिससे अधिक पर्यटक आकर्षित हो सकें।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इको-टूरिज्म का विकास केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

संभावित रोजगार के क्षेत्र:

  • होटल और होमस्टे सेवाएं
  • गाइड और ट्रैवल सेवाएं
  • स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की बिक्री
  • परिवहन और पर्यटन सेवाएं

इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों की आय में वृद्धि होगी।

राज्य की अर्थव्यवस्था और पहचान को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों और सुंदर पर्यटन स्थलों की भरपूर क्षमता है। यदि इनका सही तरीके से विकास किया जाए, तो राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है और झारखंड की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मजबूत होगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक समयबद्ध (time-bound) और व्यापक (comprehensive) योजना तैयार की जाए, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।

झारखंड सरकार की यह पहल राज्य में पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इको-टूरिज्म के विकास से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।