Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राज्य के वैध वित्तीय हिस्से को रोककर बैठी है, जिससे झारखंड के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को उसका हक समय पर नहीं मिलने से आम लोगों की योजनाएं अधूरी रह जाती हैं।
धनबाद में जनसभा से केंद्र पर हमला
धनबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश को खनिज, ऊर्जा और श्रम देने वाला प्रमुख राज्य है, लेकिन बदले में उसे उसका पूरा हिस्सा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि झारखंड की जनता के अधिकारों का सवाल है।
पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे सीएम सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र से बातचीत कर झारखंड के बकाया पैसे की मांग मजबूती से रखी जाएगी, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।
विकास योजनाओं पर पड़ रहा असर
सीएम ने कहा कि केंद्र से फंड न मिलने के कारण सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आदिवासी कल्याण योजनाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। कई योजनाएं या तो धीमी हो गई हैं या फिर समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिसका नुकसान सीधे आम जनता को हो रहा है।
आदिवासी और श्रमिक वर्ग का मुद्दा उठाया
हेमंत सोरेन ने आदिवासी और श्रमिक समुदाय की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासी देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें शोषण और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
राजनीतिक और सामाजिक एकजुटता की अपील
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि अगर झारखंड को उसका हक नहीं मिला तो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी। राज्य सरकार हर स्तर पर झारखंड के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य के हक की लड़ाई जारी रहेगी
सीएम सोरेन ने दोहराया कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य को उसका पूरा वित्तीय अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक सरकार यह मुद्दा लगातार उठाती रहेगी।
