Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में शहद को भी भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया जाएगा। इस फैसले से उन किसानों को सीधा फायदा मिलेगा जो मधुमक्खी पालन से अपनी कमाई करते हैं। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
क्या है भावांतर भरपाई योजना
भावांतर भरपाई योजना के तहत अगर बाजार में किसी फसल या उत्पाद का दाम कम हो जाता है, तो सरकार किसानों को अंतर की राशि देती है। अब तक इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बागवानी फसलों को मिलता था, लेकिन अब शहद को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में गिरते दामों से सुरक्षा मिलेगी।
मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा साधन बन रहा है। इससे केवल शहद उत्पादन ही नहीं बढ़ता बल्कि फसलों की पैदावार भी बेहतर होती है क्योंकि मधुमक्खियां परागण में मदद करती हैं। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा युवा और किसान इस काम से जुड़ें।
कुरुक्षेत्र में बनेंगी नई सुविधाएं
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि कुरुक्षेत्र के रामनगर स्थित इंटीग्रेटेड बी-कीपिंग डेवलपमेंट सेंटर में शहद बिक्री, स्टोरेज और क्वालिटी टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से क्वालिटी कंट्रोल लैब भी बनाई जाएगी। यह लैब शहद की गुणवत्ता जांचने और किसानों को बेहतर बाजार दिलाने में मदद करेगी।
राष्ट्रीय स्तर का बनेगा रिसर्च सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनगर संस्थान को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां मधुमक्खी पालन से जुड़े आधुनिक और वैज्ञानिक शोध किए जाएंगे। इससे किसानों को नई तकनीक सीखने और बेहतर उत्पादन करने में मदद मिलेगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
हरियाणा सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य खेती के साथ-साथ दूसरे कृषि व्यवसायों को भी मजबूत करना है। शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने का फैसला इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हरियाणा में मधुमक्खी पालन का काम तेजी से बढ़ सकता है।
