हरियाणा बजट 2025-26: पूंजीगत खर्च और वित्तीय सुधारों पर सरकार का जोर
हरियाणा की अर्थव्यवस्था मज़बूत, कर्ज़ के आंकड़ों पर विपक्ष को सीएम सैनी का करारा जवाब
महत्वपूर्ण विभागों के बजट में की गई बढ़ोतरी
Haryana Budget 2025-26: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बजट 2025-26 में की गई सभी घोषणाओं को 2,05,017 करोड़ रुपये की प्रस्तावित धनराशि से धरातल पर क्रियान्वयित किया जायेगा।
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मुख्यमंत्री विधानसभा में बजट अभिभाषण पर विपक्ष द्वारा उठाये गए मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। सीएम नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के सदस्यों द्वारा कुछ विभागों का बजट कम करने बारे व्यक्त की गई चिंता पर सदन को अवगत कराया कि वित्त वर्ष 2014-15 में स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट 2368 करोड़ रुपये था, जो कुल बजट का 3.82 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025-26 मे स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट बढ़कर 10540 करोड़ रुपये किया गया है जो कुल बजट का 5.14 प्रतिशत है। इसी प्रकार, वित्त वर्ष 2014-15 में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र का बजट 2058 करोड़ रुपये था जो कुल बजट का 3.32 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र का बजट बढ़कर 8315 करोड़ रुपये किया गया है जो कुल बजट का 4.05 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का बजट 1831 करोड़ रुपये था जो कुल बजट का 2.95 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025-26 में यह बजट बढ़कर 7314 करोड़ रुपये हो गया है जो कुल बजट का 3.56 प्रतिशत है। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2014-15 में समाज कल्याण विभाग का बजट 3149 करोड़ रुपये था जो कुल बजट का 5.09 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2025-26 में यह बजट बढ़कर 16651 करोड़ रुपये हो गया है, जो कुल बजट का 8.12 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 में उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र में कुल 129 करोड़ रुपये खर्च हुए जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1848.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जोकि वित्त वर्ष 2014-15 से लगभग 14 गुणा अधिक है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 में खेलकूद एवं युवा कल्याण क्षेत्र में कुल 155 करोड़ रुपये खर्च हुए थे जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में खेल विभाग के बजट में 590 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जोकि वित्त वर्ष 2014-15 से लगभग 4 गुणा अधिक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार हर परिवार को छत मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है और इसके लिए इस वर्ष के बजट अनुमान में हाऊसिंग फॉर ऑल विभाग के लिए 2444.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जोकि वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान 605.30 करोड़ रुपये का 4 गुणा है।
हरियाणा बजट 2025-26: पूंजीगत खर्च और वित्तीय सुधारों पर सरकार का जोर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2025-26 के बजट में प्रभावी कैपिटल आउटले 30,126.25 करोड़ रूपये है, जोकि बजट का 14.69 प्रतिशत है। अनुमानित 16,164 करोड़ रूपये के कैपिटल आउटले के अलावा, पूंजीगत परिसंपतियों के सृजन के लिए अनुदान 6,798 करोड़ रूपये, पूंजीगत कार्यों के लिए दिए गए ऋण 4,648 करोड़ रूपये, मरम्मत और रखरखाव के लिए 2,516 करोड़ रूपये भी कैपिटल आउटले पर खर्च किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
सीएम नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 में राजस्व घाटा तत्कालीन जीएसडीपी का 1.90 प्रतिशत था, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा 1.09 प्रतिशत है, जो सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है।
हरियाणा की अर्थव्यवस्था मज़बूत, कर्ज़ के आंकड़ों पर विपक्ष को सीएम सैनी का करारा जवाब
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा नागरिकों पर बढ़ रहे कर्ज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागरिकों को भ्रामक बयान देकर चिंतित करना और फिर यह कहना कि उन्हें नागरिकों की चिंता है, यह ठीक नहीं है। विपक्ष द्वारा बेवजह की चिंता दिखाकर लोगों को भ्रमित करना और डराना बंद करना चाहिए।
मुख्यमंत्री यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष द्वारा कहे गए पर्सनल लोन, कृषि लोन, इंडस्ट्रियल लोन इत्यादि सरकार के ऋण में नहीं जोड़े जाते। बजट अनुमान 2025-26 में कुल डेब्ट लायबिलिटी 3,52,819 करोड़ रुपये अनुमानित है। यह राज्य जीडीपी का 26.18 प्रतिशत है जोकि 15वें वित्त आयोग की निर्धारित सीमा 32.5 प्रतिशत के भीतर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विषय बार बार उठाया जाता है कि प्रदेश के हर एक नागरिक पर 2 लाख रुपये का कर्ज है। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से कहा कि वे ऐसे 5 -10 लोगो को ले आए जिनसे किसी भी बैंक ने प्रदेश सरकार द्वारा लिए हुए ऋण या लोन की वसूली के लिए कहा हो या कोई फोन उसने किया हो। इसलिए जो कर्जा सरकार ने लिया है उसे चुकाएगी भी सरकार ही।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार तिगुनी गति से काम कर रही है और हमारा राजस्व घाटे को कम करने का प्रयास है। वर्ष 2025-26 के अंत में राजस्व घाटे का आंकड़ा एक प्रतिशत से भी कम रहेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्व घाटा वर्ष 2014-15 के दौरान स्टेट जीडीपी का 1.90 प्रतिशत था, जबकि हमारे समय में पिछले ही वित्त वर्ष में यह 1.09 प्रतिशत अनुमानित है। उन्होंने कहा कि 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के अनुसार फिस्कल डेफिसिट 3 प्रतिशत की सीमा के अंदर होना चाहिए। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य जीडीपी का 2.68 प्रतिशत व बजट 2025-26 में 2.67 प्रतिशत अनुमानित है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही कर्जा लिया जाता है। बजट 2025-26 में राज्य का ऋण, जीडीपी अनुपात 32.5 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के मुकाबले में महज 26.18 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा स्टेट पब्लिक एंटरप्राइसीज के ऋण को सरकार के ऋण में दिखाने के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि उपक्रमों द्वारा लिए गए ऋण को सरकार के ऋण के आंकड़ों में शामिल नहीं किया जाता। फिर भी विपक्ष द्वारा ऋण के आंकड़ों को लेकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जाता हैं।
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उन्होंने कहा कि स्टेट पब्लिक एंटरप्राइसीज का लोन वर्ष 2014-15 में 69,922 करोड़ रुपये था। वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले दस साल में अपने अथक प्रयासों से उसको घटाकर वर्ष 2023-24 में 68,295 करोड़ रुपये कर दिया। सरकार ने सरकारी उपक्रमों द्वारा ऋण लेने की प्रवृति पर जबरदस्त नकेल कसी है, जो इन आंकड़ों से स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि सरकारी उपक्रमों का कर्जा 2014-15 में स्टेट जीडीपी का 16 प्रतिशत था जो 2023-24 में घटकर मात्र 5.6 प्रतिशत रह गया है।
