Eros Sampoornam Society, builder's hooliganism, power and other facilities cut off

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस सोसायटी में बिल्डर ने काट दी बिजली!

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR
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Greater Noida West: बड़ी ख़बर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस सोसायटी से आ रही है। जहां बिल्डर और प्लैट बॉयर्स के बीच जमकर बवाल चल रहा है। दरअसल ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इरोस संपूर्णम सोसायटी (Eros Sampoornam Society) इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है. एक तरफ जहां बिल्डर का दावा है कि सोसाइटी पर करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक का मेंटेनेंस बकाया हो चुका है, वहीं दूसरी ओर निवासी खराब सुविधाओं, अधूरे निर्माण कार्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार परेशान हैं. हालात ये हो गए हैं कि बिल्डर ने सभी मेंटेनेंस सेवाएं बंद करने का नोटिस जारी करते हुए सोसायटी को सभी मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर दिया है. यहां तक की सुबह से हजारों फ्लैटों की बिजली तक काट दी गई है. इससे हजारों परिवारों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो गई है.

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सोसाइटी के निवासी और AOA से अध्‍यक्ष दीपांकर कुमार के मुताबिक यह मामला पहले से ही ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव के समक्ष विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार शिकायत दर्ज कराई गई है और उसकी सुनवाई चल रही है. ऐसे में बिल्डर द्वारा सेवाएं बंद करने की चेतावनी और इन्‍हें बंद देना पूरी तरह गलत है. दीपांकर के अनुसार, सोसाइटी में कई गंभीर खामियां हैं. बाहरी दीवारें क्षतिग्रस्त हैं, कई टावरों के छज्जे गिर चुके हैं और नई निर्माणाधीन इमारतों में भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर कोई भी तकनीकी या कानूनी दस्तावेज देने को तैयार नहीं है और अब मनमाने ढंग से मेंटेनेंस बढ़ाने का दबाव बना रहा है. सुविधाओं के नाम पर बिल्‍डर कुछ खास देने को तैयार नहीं और मेंटेनेंस बढ़ाने के नाम पर जबरन उगाही पर उतारू है.

वहीं, सोसायटी निवासी जगजीवन राम ने कहा कि इरोस ग्रुप का नाम भरोसे का रहा है. इसी विश्वास के साथ लोगों ने यहां फ्लैट खरीदे थे. उन्होंने बताया कि सोसाइटी में रहने वाले कई लोग समय पर मेंटेनेंस शुल्क देते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती चली गई. पानी की सप्लाई, बिजली और अन्य बुनियादी सेवाएं ठीक से नहीं मिल पा रही हैं. उनका कहना है कि जब सेवाएं संतोषजनक नहीं होंगी तो लोगों में भुगतान को लेकर नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है.

वहीं, निवासी राघवेंद्र सिंह ने बिल्डर पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब चाहें नोटिस चिपका दिए जाते हैं और सेवाएं बंद करने की धमकी दी जाती है. उन्होंने बताया कि लिफ्ट की बिजली बार-बार कट जाती है. पानी की सुविधा बाधित रहती है और सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है. क्लब हाउस को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है. रजिस्ट्री दस्तावेजों में जहां इसे कम्युनिटी सेंटर बताया गया है, वहीं इसे क्‍लब बताकर डेढ़ लाख रुपये मेंबरशिप के नाम पर मांगे जा रहे हैं और भारी-भरकम फीस वसूली का दबाव बनाया जा रहा है.

स्थानीय निवासी अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि वे पिछले आठ वर्षों से अपने फ्लैट में रह रहे हैं, लेकिन इस दौरान बिल्डर की ओर से कोई ठोस मरम्मत कार्य नहीं किया गया. सीलन की वजह से घर का फर्नीचर और अलमारियां खराब हो चुकी हैं. उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, जिसके चलते उन्होंने मेंटेनेंस भुगतान को लेकर आपत्ति जताई.

दूसरी ओर बिल्डर पक्ष से इरॉस ग्रुप से जुड़े अलकशेंद्र सिंह इन सभी आरोपों को दरकिनार करते हैं. उन्होंने कहा कि 2017 में सोसाइटी में ₹1.95 प्रति वर्गफुट के हिसाब से मेंटेनेंस तय किया गया था, जिसमें 8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान था. इसके बावजूद शुरुआती तीन वर्षों और कोविड काल में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. उनके अनुसार, वर्तमान में सोसाइटी पर लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हैं और कई AOA पदाधिकारी खुद डिफॉल्टर हैं, जो अन्य निवासियों को भी भुगतान न करने के लिए उकसा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के माध्यम से समाधान की कोशिश की जा रही है, लेकिन सहमति नहीं बन पाई. लिहाजा, 16 जनवरी से सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया गया है.(सौ.news18)