Greater Noida: उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-10 में राज्य का पहला इलेक्ट्रॉनिक पार्क विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
4,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
इलेक्ट्रॉनिक पार्क में देश की प्रमुख कंपनियां एसेंट सर्किट्स और अंबर एंटरप्राइजेज निवेश कर रही हैं। दोनों कंपनियां यहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) का निर्माण करेंगी, जो मोबाइल, कंप्यूटर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अहम हिस्सा होता है।
इस बड़े निवेश से उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिलेगा नया केंद्र
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का यह इलेक्ट्रॉनिक पार्क प्रदेश के औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित विनिर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उत्पादन इकाइयों के शुरू होने के बाद इंजीनियर, तकनीशियन, ऑपरेटर और अन्य तकनीकी व गैर-तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सेक्टर-10 बनेगा औद्योगिक हब
ग्रेटर नोएडा का सेक्टर-10 तेजी से औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक पार्क की स्थापना के बाद यह क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और निवेश के लिए प्रमुख गंतव्य बन सकता है।
प्रशासन ने तेज की तैयारियां
परियोजना को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने तैयारियों का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें।
प्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इलेक्ट्रॉनिक पार्क के विकसित होने से उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि ग्रेटर नोएडा को देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
