Greater Noida: में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल को जबरन बंद कर दिया गया और उसके गेट पर वेल्डिंग कर स्थायी ताला लगा दिया गया। इस घटना से करीब 600 बच्चों की पढ़ाई और भविष्य खतरे में पड़ गया है। बच्चे न तो स्कूल जा पा रहे हैं और न ही उन्हें जरूरी दस्तावेज मिल पा रहे हैं, जिससे दूसरे स्कूल में एडमिशन भी रुक गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उत्तर प्रदेश के Greater Noida के सूरजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित Daffodil Public School का है।
बताया जा रहा है कि कुछ दबंग लोगों ने स्कूल के मुख्य गेट को बंद कर उस पर लोहे की वेल्डिंग कर दी, जिससे स्कूल पूरी तरह बंद हो गया।
इस वजह से स्कूल के अंदर बच्चों के दस्तावेज, रजिस्टर और जरूरी कागजात फंस गए हैं।
600 बच्चों का भविष्य अधर में
स्कूल में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक पढ़ाई होती थी और यहां 600 से ज्यादा बच्चे पढ़ते थे।
अब स्कूल बंद होने के कारण बच्चों को:
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) नहीं मिल रहा
- रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिल रहा
- नए स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा
इससे अभिभावक काफी परेशान हैं और उन्हें डर है कि बच्चों का पूरा शैक्षणिक सत्र खराब हो सकता है।
जमीन विवाद बना स्कूल बंद होने की वजह
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, उन्होंने करीब 10 साल पहले स्कूल की जमीन लीज पर ली थी और इसके लिए लाखों रुपये भी दिए थे।
लेकिन समय के साथ जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने स्कूल पर कब्जा करने की कोशिश की।
आरोप है कि:
- स्कूल की पानी की टंकी बंद कर दी जाती थी
- स्कूल परिसर में जानवर छोड़ दिए जाते थे
- शिक्षिकाओं को परेशान किया जाता था
आखिरकार, 30 मार्च को स्कूल के गेट पर ताला लगाकर वेल्डिंग कर दी गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
स्कूल प्रबंधन ने इस घटना की शिकायत पुलिस में की है।
पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन सभी आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।
पुलिस का कहना है कि यह जमीन के कब्जे का विवाद है और जांच जारी है।
अभिभावकों और बच्चों की बढ़ी चिंता
स्कूल बंद होने से बच्चों और उनके माता-पिता की चिंता लगातार बढ़ रही है।
अभिभावकों का कहना है कि:
- बच्चों की पढ़ाई रुक गई है
- परीक्षा और एडमिशन प्रभावित हो रहे हैं
- पूरा साल खराब होने का खतरा है
उन्होंने सरकार और प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
सरकार से की गई हस्तक्षेप की मांग
स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने राज्य सरकार से अपील की है कि:
- स्कूल को तुरंत खुलवाया जाए
- बच्चों के दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
उनका कहना है कि यह सिर्फ एक स्कूल का मामला नहीं, बल्कि सैकड़ों बच्चों के भविष्य का सवाल है।
निष्कर्ष (Conclusion)
ग्रेटर नोएडा का यह मामला दिखाता है कि जमीन विवाद और दबंगई जैसी घटनाएं सीधे बच्चों की शिक्षा पर असर डाल सकती हैं।
अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों बच्चों का एक साल बर्बाद हो सकता है।
इसलिए प्रशासन और सरकार के लिए जरूरी है कि वे तुरंत कार्रवाई करें और बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षित करें।
