Google: तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी के दौर में केवल डिग्री से बात नहीं बनेगी।
Google: तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी (Technology) के दौर में केवल डिग्री से बात नहीं बनेगी। अब वक्त आ गया है जब इंजीनियर्स को खुद को स्किल्स, इनोवेशन और यूजर-फोकस्ड अप्रोच से लैस करना होगा। यह कहना है गूगल में टॉप पोजिशन पर काम कर रहे समीर सामत (Sameer Samat) का। समीर गूगल के एंड्रॉइड हेड और गूगल प्ले के वाइस प्रेसिडेंट हैं। पढ़िए पूरी खबर…

उन्होंने नए इंजीनियर्स (New Engineers) को बड़ी और बेहद अहम सलाह दी है। उनका कहना है कि फॉर्मल एजुकेशन केवल शुरुआत है, लेकिन असली सफलता तब मिलती है जब आप लगातार सीखते हैं और खुद को नए जमाने की जरूरतों के हिसाब से ढालते हैं।
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तकनीकी बदलाव के दौर में नई सोच जरूरी
समीर सामत (Sameer Samat) ने कहा कि टेक इंडस्ट्री बेहद तेजी से बदल रही है। ऐसे में इंजीनियर्स को AI, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में दक्षता हासिल करनी चाहिए। उनके अनुसार, डिग्री की वैल्यू तभी है जब आपके पास उससे आगे की सोच, स्किल्स और प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी हो।
टीमवर्क और कम्युनिकेशन स्किल्स भी जरूरी
गूगल (Google) के इस वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टेक्निकल ज्ञान के साथ-साथ टीम के साथ बेहतर तालमेल, और जटिल बातों को सरल शब्दों में समझाने की क्षमता भी जरूरी है। आज की इंडस्ट्री में वही इंजीनियर सफल हो सकता है जो तकनीकी दक्षता के साथ बातचीत करने की कला और टीम प्लेयर भी हो।
यूजर-फर्स्ट अप्रोच अपनाएं इंजीनियर्स
समीर सामत (Sameer Samat) ने ज़ोर देकर कहा कि इंजीनियर्स को टेक्नोलॉजी सिर्फ टेक्नोलॉजी के लिए नहीं बनानी चाहिए, बल्कि उसे यूजर की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, ‘टेक्नोलॉजी की असल कीमत तब है जब वह आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाए।’
गूगल की रणनीति पर भी किया खुलासा
गूगल (Google) की रणनीति पर बात करते हुए समीर सामत ने कहा कि कंपनी की नजर भारत जैसे उभरते बाजारों पर है। गूगल किफायती स्मार्टफोन्स, लोकल ऐप्स और क्षेत्रीय भाषाओं के जरिए अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि गूगल की कोशिश है कि टेक्नोलॉजी की पहुंच हर वर्ग तक हो।
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नौकरी चाहिए तो स्किल्स बढ़ाएं, केवल डिग्री नहीं
समीर सामत (Sameer Samat) की बातों में एक स्पष्ट संदेश है डिग्री सिर्फ एक दरवाजा खोलती है, लेकिन अंदर दाखिल होने के लिए स्किल्स, लर्निंग और इनोवेशन की चाबी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो इंजीनियर खुद को तेजी से बदलती दुनिया के साथ ढाल सकेंगे, वही भविष्य में लीड करेंगे।
