Google: गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनी में नौकरी मिलना लाखों युवाओं का सपना होता है।
Google: गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनी (Tech Company) में नौकरी मिलना लाखों युवाओं का सपना होता है। मोटी सैलरी, रुतबा और सुविधाओं से भरी लाइफ हर किसी को परफेक्ट लगती है। लेकिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर जिम टांग (Jim Tang) के लिए यह सफर उम्मीदों के मुताबिक खुशहाल नहीं रहा। सालाना 3 लाख डॉलर (करीब 2.7 करोड़ रुपये) की सैलरी पाने के बावजूद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अब कंटेंट क्रिएटर बनकर नई शुरुआत कर रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…
कॉर्पोरेट की चमक से कंटेंट क्रिएशन की दुनिया तक
आपको बता दें कि जिम (Jim) ने गूगल छोड़ने से दो महीने पहले ही अपने पर्सनल ब्रांड पर काम शुरू कर दिया था। उन्होंने लिंक्डइन पर खुलासा किया कि 70 दिनों में 90 से ज्यादा वीडियो और 500 पोस्ट बनाकर उन्होंने 1 लाख से अधिक फॉलोअर्स की ऑडियंस खड़ी की। शुरुआत में उनके 300 ट्वीट्स से केवल 70 फॉलोअर्स मिले, लेकिन एक इंस्टाग्राम रील ने रातोंरात 10 हजार व्यूज बटोरे। अगली 50 रील्स में ग्रोथ धीमी रही, फिर भी वे तीन हफ्तों में 25 हजार से 80 हजार फॉलोअर्स तक पहुंच गए। खास बात यह है कि उन्होंने महंगे कैमरे या सेटअप का सहारा नहीं लिया, बल्कि सिर्फ iPhone और CapCut ऐप से अपनी क्रिएटिविटी को उभारा।
नया सफर, नई सोच जॉब छोड़कर टोक्यो की उड़ान
नौकरी छोड़ने के बाद जिम ने टोक्यो के लिए वन-वे टिकट बुक किया। वे कहते हैं, ‘पहली बार मैं जिंदगी से भाग नहीं रहा, बल्कि अपनी चुनी हुई राह पर चल रहा हूं।’ अब उनका फोकस डिजिटल प्रोडक्ट्स बनाने, अपनी ऑनलाइन यात्रा को डॉक्यूमेंट करने और एक इंट्रोवर्ट सॉफ्टवेयर इंजीनियर से आगे बढ़कर नई पहचान बनाने पर है। जिम की यह हिम्मत उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो कॉर्पोरेट की रट से बाहर निकलना चाहते हैं।
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कामयाबी की नई परिभाषा
जिम टांग (Jim Tang) ने लिंक्डइन पर अपने अनुभवों से 5 अहम सबक साझा किए- ग्रोथ कभी सीधी नहीं होती, अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करें, लगातार बने रहें, गैजेट्स की चिंता न करें और पर्सनल ब्रांड की ताकत को समझें। उनके मुताबिक, रोजाना पोस्ट करने से न सिर्फ ऑडियंस बनती है, बल्कि यह आपकी पहचान को भी बदल देता है। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग के हवाले से कहा, ‘आइडियाज कभी पूरी तरह तैयार नहीं होते, वे काम करते-करते साफ होते हैं। बस शुरुआत करनी होती है।’
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जोश के साथ नई जिंदगी
आज जिम गूगल में काम करने से ज्यादा घंटे काम कर रहे हैं, लेकिन अब वे थकान की बजाय हर सुबह जोश के साथ उठते हैं। उनकी कहानी युवाओं को प्रेरित करती है कि दूसरों की राय के आधार पर जिंदगी न जिएं। जिम का मानना है कि नतीजों के साथ जीना आपको ही है, इसलिए अपनी राह खुद चुनें। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि असली खुशी पैसे या रुतबे में नहीं, बल्कि अपने जुनून को जीने में है।
