Noida-ग्रेटर नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
Noida-Greater News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अगर वे काम के अत्यधिक दबाव में हैं तो उन्हें जल्द ही आधे घंटे का अतिरिक्त ब्रेक मिल सकता है। बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और स्वास्थ्य विभाग मिलकर एक खास प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर रहे हैं, जिसमें MNCs में काम कर रहे युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर काम के असर का आकलन किया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…

आपको बता दें कि इस पहल को ऑक्यूपेशनल हैजर्ड प्रोजेक्ट (Occupational Hazard Project) के तहत शुरू किया जा रहा है। इसमें यह जांचा जाएगा कि क्या लंबे समय तक बैठकर काम करने और अत्यधिक मानसिक दबाव से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यदि रिपोर्ट में काम का बोझ अत्यधिक पाया गया, तो संबंधित कर्मचारियों को आधे घंटे का अतिरिक्त ब्रेक दिए जाने की सिफारिश की जाएगी, जिससे उन्हें मानसिक राहत मिल सके।
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स्वास्थ्य विभाग और UNEP की हुई बैठक
इस विषय पर स्वास्थ्य विभाग और UNEP के अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हो चुकी है। एसीएमओ डॉ. टीकम सिंह ने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में मल्टीनेशनल कंपनियां मौजूद हैं, जहां बड़ी तादाद में युवा कार्यरत हैं। इन युवाओं में आंखों में जलन, कमर और गर्दन में दर्द जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। साथ ही, मानसिक तनाव और घबराहट के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCCCHH) के अंतर्गत चलाया जा रहा है, जिसकी फंडिंग UNEP द्वारा की जाएगी।
10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों पर होगा सर्वे
प्रोजेक्ट के तहत स्वास्थ्य विभाग सामाजिक संस्थाओं की मदद से MNCs में काम कर रहे 10 हजार से अधिक कर्मचारियों पर एक व्यापक सर्वे कराएगा। इस सर्वे के लिए कर्मचारियों से एक फॉर्म भरवाया जाएगा, जिसमें उनसे पूछा जाएगा कि काम के दौरान उन्हें कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं, लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठने से क्या प्रभाव पड़ रहा है और मानसिक रूप से वे कितना दबाव महसूस करते हैं।
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क्या है UNEP?
यूएनईपी (United Nations Environment Programme) संयुक्त राष्ट्र की एक वैश्विक संस्था है, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। इसकी स्थापना साल 1972 में की गई थी। UNEP का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और पॉल्यूशन जैसी वैश्विक समस्याओं का समाधान करना है। भारत, UNEP का एक सक्रिय साझेदार है और उसके साथ कई संयुक्त परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है।
