Delhi News

Delhi News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में होगा कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का आयोजन, त्यागराज स्टेडियम बनेगा मुख्य केंद्र

दिल्ली
Spread the love

Delhi News: दिल्ली को वर्ष 2026 में होने वाली प्रतिष्ठित 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता राजधानी के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित की जाएगी, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन दिल्ली की खेल क्षमता और वैश्विक खेल मानचित्र पर उसकी बढ़ती पहचान को और मजबूत करेगा।

27 जुलाई से 2 अगस्त तक होगा भव्य आयोजन

यह सात दिवसीय टूर्नामेंट 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में विभिन्न श्रेणियों के मुकाबले होंगे और फाइनल मुकाबले 2 अगस्त को खेले जाएंगे। आयोजन में 35 से अधिक कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है, जिससे यह अब तक के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक माना जा रहा है।

भारत सरकार और टेबल टेनिस फेडरेशन का संयुक्त प्रयास

इस चैंपियनशिप का आयोजन दिल्ली सरकार और टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आयोजन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए आधुनिक सुविधाएं और बेहतरीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

दिल्ली की खेल पहचान को मिलेगा नया आयाम

दिल्ली सरकार का मानना है कि इस आयोजन से राजधानी की खेल संरचना और मजबूत होगी। सरकार ने कहा कि दिल्ली पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुकी है और यह प्रतियोगिता उसकी प्रतिष्ठा को और बढ़ाएगी।

त्यागराज स्टेडियम को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।

युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर

इस प्रतियोगिता से भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। यह आयोजन देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विजन 2036 ओलंपिक मिशन की दिशा में कदम

सरकार ने इसे विजन 2036 ओलंपिक मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उद्देश्य है कि दिल्ली को भविष्य में वैश्विक खेल आयोजनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि यह भारत की बढ़ती खेल शक्ति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी सशक्त उपस्थिति का प्रतीक भी है। यह आयोजन दिल्ली को विश्व खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में मदद करेगा।