Delhi News: दिल्ली सरकार ने राजधानी के औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (Micro and Small Enterprises) को सशक्त बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने बादली और बवाना औद्योगिक क्षेत्रों में दो अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) स्थापित करने को मंज़ूरी दी है, जिसकी अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये तय की गई है।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर क्या होंगे?
ये कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) खास तौर पर छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएंगे। इन केंद्रों में उन उद्योगों को आधुनिक मशीनें, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण सुविधाएँ और टेस्टिंग लैब जैसी सेवाएँ एक ही जगह उपलब्ध होंगी, जो आमतौर पर छोटे उद्यमी खुद खरीद नहीं सकते। इससे उनके लिए उत्पादन लागत कम होगी और कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Delhi News: छोटे उद्योगों को मिलेगा लाभ
छोटे उद्योग अक्सर महंगी मशीनों, परीक्षण लैब और तकनीकी सहायता नहीं ले पाते क्योंकि यह लंबा निवेश मांगता है। इन कॉमन फैसिलिटी सेंटरों से वे बिना भारी खर्च के उच्च तकनीक का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही श्रमिकों और कर्मियों को कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण भी मिलेगा जिससे उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार होगा और उत्पादन अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
परियोजना की लागत और कार्य
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 60 करोड़ रुपये होगी, जिसमें प्रत्येक केंद्र के लिए लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये केंद्र सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (MSE-CDP) के तहत बनाए जाएंगे, जो केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा है।
किस क्षेत्र में लाभ होगा
बादली और बवाना दोनों ही दिल्ली के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में गणना किए जाते हैं, जहाँ कई छोटे-छोटे कारखाने और उद्योग स्थित हैं। इन उद्योगों को आधुनिक सुविधाएँ मिलने से व्यवसाय करने में आसानी, लागत में बचत और नए अवसरों का द्वार खुलेगा।
