स्कूल फीस पर भी लगेगी लगाम
Delhi News: दिल्ली में 4 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत सभी विभागों को हर महीने की इतने तारीख तक अपनी मंथली प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (Monthly Progress Report Chief Minister’s Office) में जमा करानी होगी। 4 से 8 अगस्त तक चलने वाला यह पांच दिवसीय सत्र पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल मोड में होगा, जिसमें शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकार स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि को रोकने के लिए ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा शुल्क निर्धारण और पारदर्शिता विधेयक 2025’ पेश करने की तैयारी में है।

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मंथली रिपोर्ट का नया नियम
दिल्ली सरकार (Delhi Government) के नए आदेश के मुताबिक, सभी मंत्रियों को अपने विभागों की मंथली प्रगति रिपोर्ट हर महीने की 28 तारीख तक मुख्यमंत्री कार्यालय में जमा करानी होगी। इस रिपोर्ट में शुरू की गई योजनाओं की स्थिति, कार्यक्रमों की उपलब्धियां और कार्यान्वयन की गति का विस्तृत ब्यौरा शामिल होगा। सरकार का उद्देश्य इस आदेश के जरिए विभागीय कार्यों की निगरानी और निष्पक्ष आकलन सुनिश्चित करना है। यह कदम दिल्ली की प्रगति और प्रशासनिक कार्यों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
स्कूल फीस पर सख्ती
मानसून सत्र में प्रस्तावित ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा शुल्क निर्धारण और पारदर्शिता विधेयक 2025’ स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाएगा। इस विधेयक के तहत पहली बार नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर 1 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दूसरी बार उल्लंघन पर 2 से 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा। यदि स्कूल अभिभावकों से ली गई अतिरिक्त फीस 20 दिनों के भीतर वापस नहीं करते, तो जुर्माने की राशि दोगुनी हो जाएगी और हर 20 दिन की देरी पर यह राशि बढ़ती जाएगी। सरकार का मानना है कि यह विधेयक फीस निर्धारण में पारदर्शिता लाएगा और अभिभावकों को राहत प्रदान करेगा।
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पेपरलेस होगा मानसून सत्र
बता दें कि 4 से 8 अगस्त तक चलने वाला यह मानसून सत्र पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित होगा। सत्र का मुख्य फोकस शिक्षा पर होगा, जिसमें स्कूलों से संबंधित मुद्दों और नीतियों पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र के जरिए दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाएगी।
