Corona is Back: एक लंबे समय के बाद कोरोना वायरस (Corona Virus) ने फिर से मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर में दस्तक दे दी है। लोग जहां इस महामारी को भुला चुके थे, वहीं अब इसकी वापसी ने स्वास्थ्य विभाग (Health Department) में हलचल मचा दी है। इंदौर के एक निजी अस्पताल (Private Hospitals) में इलाज के लिए भर्ती एक बुजुर्ग महिला की कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद मौत हो गई, जबकि एक युवक भी पॉजिटिव मिला है और उसका इलाज जारी है। वहीं डॉक्टर्स कोरोना वायरस के लौटने से हैरान हैं। पढ़िए पूरी खबर…

रिपोर्ट में मिला कोरोना संक्रमण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 74 साल की महिला इंदौर (Indore) के पश्चिमी क्षेत्र की रहने वाली थीं और किडनी से संबंधित गंभीर बीमारी के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सीवियर सेप्टिक था और वे कोमार्बिड मरीज थीं। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए फ्लू पैनल (Flu Panel) जांच की गई, जिसमें वे कोरोना पॉजिटिव निकलीं। वहीं सोमवार के दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत अन्य बीमारियों और कोविड संक्रमण दोनों की वजह से हुई है।
सर्दी-खांसी से परेशान युवक भी निकला कोविड पॉजिटिव
दूसरा मरीज एक युवक है जो कई दिनों से सर्दी-खांसी से परेशान था। उसने शुरुआत में किसी अन्य अस्पताल (Hospital) में इलाज करवाया लेकिन सुधार न होने पर अरबिंदो अस्पताल (Aurobindo Hospital) पहुंचा। वहां उसकी फ्लू पैनल जांच की गई जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। युवक को अलग वार्ड में आइसोलेट किया गया है और उसकी हालत अभी स्थिर है।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
अरबिंदो अस्पताल के निदेशक डॉ. विनोद भंडारी (Dr. Vinod Bhandari) ने कहा कि कुछ मरीजों की सर्दी-खांसी लंबे समय तक ठीक नहीं होती है, ऐसे मामलों में फ्लू पैनल जांच की जाती है जिसमें कोविड की भी पुष्टि हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवक की हालत ठीक है और इलाज जारी है।
कोरोना (Corona) के 2 नए मामलों और 1 मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अस्पतालों में कोविड प्रोटोकॉल को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि सतर्क रहें, लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
क्या फिर से लौट सकता है कोरोना का खतरा?
बता दें कि इन ताजा मामलों ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि कोरोना अभी गया नहीं है। विशेषकर बुजुर्गों और बीमारियों से ग्रसित लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड का रूप भले ही बदल गया हो, लेकिन उसका असर अब भी गंभीर हो सकता है।
