Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार सख्ती दिखा रही है। इसी क्रम में उच्च शिक्षा मंत्री Tank Ram Verma ने मोपका निपनिया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
कॉलेज में मिली भारी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान कॉलेज की प्राचार्य अनुपस्थित पाई गईं। वहीं स्टाफ की उपस्थिति भी बेहद कम रही। मौके पर केवल तीन सहायक प्राध्यापक और दो कार्यालय कर्मचारी ही मौजूद थे।
इसके अलावा कॉलेज के वित्तीय लेखा-जोखा की जानकारी भी तुरंत उपलब्ध नहीं कराई जा सकी, जिस पर मंत्री टंक राम वर्मा ने नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने साफ कहा कि सरकारी संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्टाफ को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश
महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की खराब स्थिति देखकर मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से कॉलेज में उपस्थित रहें।
साथ ही कॉलेज परिसर में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए तत्काल व्यवस्था सुधारने के आदेश दिए गए।
छात्रों के लिए बनेगा हेल्प डेस्क
आगामी शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कॉलेज में छात्रों की सुविधा के लिए “हेल्प डेस्क” स्थापित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य नए और पुराने छात्रों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना है।
उन्होंने पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को भी समय सीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का फोकस
मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सरकार केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के कॉलेजों में भी बेहतर सुविधाएं और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
