Chhattisgarh News: बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी इन दिनों युवाओं के लिए सीख और नेतृत्व का बड़ा मंच बन गया है। इस जंबूरी में देशभर से आए रोवर–रेंजर, स्काउट और गाइड भाग ले रहे हैं। आयोजन का तीसरा दिन खास तौर पर लोकतंत्र, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी को समझाने के लिए समर्पित रहा।
इस दिन जंबूरी परिसर में यूथ पार्लियामेंट का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने संसद की कार्यवाही को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम ने सभी को यह सिखाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कैसे काम करती है।
यूथ पार्लियामेंट में बने बच्चे सांसद
यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह संसद अध्यक्ष बने। युवाओं ने लोकसभा की तरह सवाल पूछे, मुद्दों पर चर्चा की और सुझाव भी दिए।
बच्चों ने शिक्षा, पर्यावरण, स्वच्छता, युवाओं के रोजगार और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी। यह दृश्य देखकर ऐसा लगा मानो देश का भविष्य खुद मंच पर खड़ा होकर बोल रहा हो।
Chhattisgarh News: डॉ. रमन सिंह ने युवाओं की सराहना की
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस तरह से युवाओं ने अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभाई, वह बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आज के ये रोवर–रेंजर ही कल देश का नेतृत्व करेंगे। ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं में लोकतंत्र की समझ और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना मजबूत होती है।

युवाओं को मिला सरकार का प्रोत्साहन
स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि रोवर–रेंजर देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और जिम्मेदार बनाते हैं।
इस मौके पर स्काउट–गाइड संगठन के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक भी मौजूद थे।
सीख, सेवा और साहस से भरा रहा दिन
जंबूरी के तीसरे दिन कई रोचक और उपयोगी गतिविधियां आयोजित की गईं। दिन की शुरुआत फ्लैग सेरेमनी और शारीरिक गतिविधियों से हुई। इसके बाद डॉग शो, मार्च पास्ट और स्वच्छ भारत से जुड़ी प्रतियोगिताएं भी कराई गईं, जिनमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक
जंबूरी में आदिवासी संस्कृति की सुंदर झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक भोजन ने पूरे माहौल को रंगीन बना दिया। इसके साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
Chhattisgarh News: आपदा प्रबंधन और पर्यावरण पर भी फोकस
युवाओं को आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी गई और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति सेवा भाव बढ़ा।
अंतरराष्ट्रीय रंग में रंगा जंबूरी
रात को आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में अलग-अलग संस्कृतियों की प्रस्तुतियां दी गईं। इससे जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली और युवाओं को दुनिया की विविधता को समझने का मौका मिला।
