Chhattisgarh News: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाकर ही विकसित भारत की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और पंचायतों की भूमिका इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण है।
पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता और जिम्मेदारी से ही गांवों का वास्तविक विकास संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायतों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विकास में पंचायतों की अहम भूमिका है। यदि पंचायत स्तर पर कार्य सही तरीके से किए जाएं, तो राज्य और देश के विकास की गति तेज हो सकती है।
पंचायत से शुरू हुआ मुख्यमंत्री का राजनीतिक सफर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी। उन्होंने पंच और सरपंच के रूप में कार्य करते हुए गांव के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए, जो आगे उनके राजनीतिक जीवन में सहायक साबित हुए।
उन्होंने कहा कि आज देश में कई ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पंचायत से अपनी यात्रा शुरू की और आगे बढ़कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के उच्च पदों तक पहुंचे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पंचायत लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है।
ग्रामीण विकास योजनाओं से बदली गांवों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विशेष रूप से निम्न योजनाओं का उल्लेख किया:
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है
- अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से बैंकिंग और अन्य सेवाएं आसान हुई हैं
- महिलाओं के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है
इन योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
जल जीवन मिशन 2.0 को सफल बनाने में पंचायतों की बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मिशन को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें, ताकि गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का पालन सुनिश्चित हो सके।
सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत लंबित बिजली बिलों पर सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत भी दी जा रही है।
पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा रही है और पंचायत प्रतिनिधियों को सामाजिक जिम्मेदारियों का भी गंभीरता से निर्वहन करना चाहिए।
विभिन्न परियोजनाओं और स्वास्थ्य शिविरों का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन
पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न विकास परियोजनाओं पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया।
उन्होंने महिलाओं द्वारा सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण और आजीविका से जुड़े प्रयासों की सराहना की। साथ ही नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोग की पहचान, किसानों के लिए नवाचार और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी कई परियोजनाओं को भी सराहा।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पंचायतों को सशक्त बनाकर ही गांवों और देश का समग्र विकास संभव है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और सभी नागरिकों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले।
पंचायती राज संस्थाओं की मजबूती से ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
