Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल अस्थायी संचालन के लिए लाइवलीहुड कॉलेज और उसके हॉस्टल भवन को चुना गया है। इन भवनों में जरूरी मरम्मत और उन्नयन का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब यह अंतिम चरण में है। इससे जल्द ही मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल को किया जा रहा मजबूत
मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए जिला चिकित्सालय जांजगीर को भी मजबूत किया जा रहा है। यहां 220 बिस्तरों की जरूरत के मुकाबले अभी 180 बिस्तर उपलब्ध हैं, जबकि बाकी 40 बिस्तरों की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी और मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी ढांचा तैयार होगा।
डीन की नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में
शासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए डीन की नियुक्ति भी कर दी है, जिससे प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को गति मिलेगी। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों और तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुसार स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नवा रायपुर स्थित चिकित्सा शिक्षा आयुक्त से भी संपर्क किया गया है।
जल्द होगा NMC का निरीक्षण
जांजगीर-चांपा में MBBS के पहले बैच को शुरू करने के लिए NMC का निरीक्षण अगले महीने प्रस्तावित है। यह निरीक्षण मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए बेहद जरूरी है। इसके सफल होने के बाद यहां पढ़ाई शुरू हो सकेगी, जिससे जिले के छात्रों को स्थानीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलेगा।
स्थायी भवन निर्माण भी तेजी से जारी
अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के स्थायी परिसर का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। ग्राम कुटरा में बनने वाले इस भवन के लिए सरकार ने लगभग 357 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके अलावा अस्थायी संचालन के लिए जरूरी अधोसंरचना के विकास हेतु जिला खनिज न्यास मद से भी वित्तीय सहायता दी गई है।

कलेक्टर की निगरानी में हो रहा काम
कलेक्टर जन्मेजय महोबे इस पूरे प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ
मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद जांजगीर-चांपा जिले के लोगों को बेहतर और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। इससे न केवल इलाज की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
