Chhattisgarh News: माता-पिता को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, इसाक ने जीता स्वर्ण

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: Khelo India Tribal Games 2026 में मिजोरम के युवा खिलाड़ी Isaac Malsawmtluanga की कहानी हर किसी को प्रेरित करती है। कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने खेल को जारी रखा।

इसाक ने बहुत छोटी उम्र में जीवन की बड़ी मुश्किलों का सामना किया। साल 2018 में उनके पिता का निधन हो गया और 2024 में उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया। इन घटनाओं ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।

परिवार और कोच बने सहारा

कठिन समय में इसाक के चाचा और उनके बचपन के कोच ने उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने इसाक को खेल छोड़ने से रोका और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उनके चाचा-चाची ने न सिर्फ उन्हें सहारा दिया, बल्कि उनकी पढ़ाई और खेल दोनों को जारी रखने में मदद की। इस सहयोग ने इसाक को फिर से खड़ा होने की ताकत दी।

चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले इसाक पीठ की चोट से परेशान थे। उनके कोच ने उन्हें प्रतियोगिता से दूर रहने की सलाह भी दी थी।

लेकिन इसाक ने हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को नजरअंदाज किया और मैदान में उतरकर शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच में दूसरे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में बेहतरीन प्रदर्शन किया और कुल 235 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीत लिया।

संघर्ष से मिली सफलता

इसाक का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने कई बार हार मानने का सोचा, लेकिन हर बार उनके परिवार और कोच ने उन्हें आगे बढ़ाया।

धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी। उन्होंने पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते और अब इस बड़े मंच पर स्वर्ण जीतकर अपनी काबिलियत साबित कर दी।

जीत के पीछे छुपी भावनाएं

स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका अपने चाचा से गले मिलना बेहद भावुक पल था। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उनके संघर्ष, दर्द और मेहनत का परिणाम था।

इसाक की कहानी यह सिखाती है कि अगर हौसला मजबूत हो, तो कितनी भी बड़ी मुश्किल क्यों न हो, सफलता जरूर मिलती है।