Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। लगातार दूसरे दिन चली इस कार्रवाई में सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की टीम ने देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण किया और वहां चल रही अवैध गतिविधियों को चिन्हित किया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब इस तरह के अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरंगों को ब्लास्टिंग कर बंद करने के निर्देश
जांच के दौरान टीम को कई ऐसे स्थान मिले जहां पहले बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था। इन जगहों पर करीब 150 मीटर लंबी सुरंगों का उपयोग किया गया था। प्रशासन ने इन सुरंगों को स्थायी रूप से बंद करने के लिए ब्लास्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इन रास्तों का दोबारा इस्तेमाल न हो सके और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

पहले दिन की कार्रवाई में कोयला और उपकरण जब्त
इस अभियान के पहले दिन भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। संयुक्त टीम ने करीब 6 टन से अधिक अवैध कोयला जब्त किया था। इसके साथ ही खनन में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, बिजली के तार और पंप भी बरामद किए गए थे। इससे साफ हुआ कि यहां लंबे समय से संगठित तरीके से अवैध खनन किया जा रहा था।
कई विभागों की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे अभियान में खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मिलकर काम किया। इसके अलावा आसपास के जिलों के अधिकारी भी इस कार्रवाई में शामिल रहे। प्रशासन का कहना है कि विभिन्न विभागों के समन्वय से ही इस तरह की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। यही वजह है कि अब इस तरह के संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

निगरानी और सख्ती होगी और तेज
अधिकारियों ने बताया कि अब इन क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी की जाएगी। वन विभाग और खनिज विभाग के साथ-साथ संबंधित एजेंसियां मिलकर लगातार नजर रखेंगी, ताकि अवैध खनन दोबारा शुरू न हो सके। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा।
अवैध खनन करने वालों में मचा हड़कंप
इस सख्त कार्रवाई के बाद अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कानून के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से यह भी उम्मीद की जा रही है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
