Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में बस्तर के विकास को नई दिशा देने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर एक बड़ा कदम साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इस कॉरिडोर के बनने से बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्र सीधे समुद्री बंदरगाह से जुड़ जाएंगे, जिससे व्यापार और विकास को नई गति मिलेगी।

कम होगा सफर और खर्च
अभी जगदलपुर से विशाखापट्टनम तक पहुंचने में 7 से 9 घंटे लगते हैं, क्योंकि रास्ता कठिन घाटों से होकर गुजरता है। नए कॉरिडोर के बनने के बाद यह सफर केवल 3.5 से 4 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रांसपोर्ट का खर्च भी कम होगा। खासकर भारी वाहनों के लिए यह बहुत बड़ी राहत होगी।

बस्तर के उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा बस्तर के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा। यहां की अरेबिका कॉफी, इमली, महुआ और ढोकरा शिल्प अब आसानी से विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुंच सकेंगे। इससे इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सड़क बेहतर होने से उद्योग, व्यापार और सेवाओं के क्षेत्र में विकास होगा। युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही काम के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन भी कम होगा।

पर्यटन को भी मिलेगा फायदा
कॉरिडोर बनने से बस्तर के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कुटुमसर गुफा और दंतेश्वरी मंदिर जैसे स्थानों पर ज्यादा पर्यटक आ सकेंगे। इससे पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा और स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी।

पर्यावरण का रखा गया ध्यान
इस परियोजना में पर्यावरण का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। केशकाल क्षेत्र में एक लंबी टनल बनाई जा रही है, जिससे जंगल और वन्यजीवों को कम नुकसान हो। साथ ही सड़कों पर एनिमल अंडरपास और ओवरपास भी बनाए जा रहे हैं, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।

बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन
करीब 16 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह कॉरिडोर बस्तर को देश और दुनिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल दूरी कम होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन के नए रास्ते खुलेंगे।

इस तरह रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।