Chhattisgarh News: धमतरी में 147 बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: धमतरी जिले में जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जरूरतमंद लोगों का पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण और माप लेकर उन्हें निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके दैनिक जीवन को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाना है।

एलिम्को के विशेषज्ञों ने किया परीक्षण

शिविर में भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञों ने हितग्राहियों की जांच और माप का कार्य किया।

इस शिविर में जनपद पंचायत धमतरी, कुरूद, नगर पालिक निगम धमतरी तथा नगर पंचायत कुरूद, आमदी और भखारा सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

147 हितग्राही पाए गए पात्र

विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के बाद 147 बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पात्र पाया गया।

इन सभी हितग्राहियों को आने वाले दिनों में उनकी जरूरत के अनुसार निःशुल्क उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

16 दिव्यांगजनों के बने यूडीआईडी कार्ड

शिविर के दौरान मौके पर ही 16 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड भी बनाए गए।

इससे दिव्यांगजनों को भविष्य में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

नशामुक्त समाज का दिया संदेश

शिविर के दौरान केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया।

समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक ने उपस्थित लोगों को जीवनभर नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सभी से सहयोग करने की अपील की।

दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास

अधिकारियों ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

इस तरह के शिविर जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

बड़ी संख्या में लोगों ने लिया लाभ

शिविर में एलिम्को की तकनीकी टीम, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी और सराहनीय बताया।