Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नई डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा दिया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने श्रम विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर दिखे और श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
इस अवसर पर श्रमिकों को घर बैठे रोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से e-Shram Saathi मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया गया। यह ऐप श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म साबित होगा, जो उन्हें रोजगार, पंजीकरण और सहायता संबंधी जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराएगा।

श्रमिकों के हित में सरकार की मजबूत पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत से ही उद्योग, निर्माण और विकास कार्य आगे बढ़ते हैं। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर कार्य वातावरण मिले।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण किया जाए और तकनीक का उपयोग करके श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी समय-समय पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से दी जाए, ताकि वे इन योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
चार नई श्रम संहिताओं से मिलेगा बेहतर सुरक्षा कवच
देश में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ में भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इन संहिताओं में प्रमुख रूप से—
- मजदूरी संहिता 2019
- औद्योगिक संबंध संहिता 2020
- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020
इन कानूनों के लागू होने से श्रमिकों को बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है और उन्हें रोजगार के क्षेत्र में अधिक स्थिरता मिलेगी।

“ई-श्रम साथी” ऐप से श्रमिकों को मिलेगी नई सुविधा
डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ई-श्रम साथी ऐप के माध्यम से श्रमिक अब घर बैठे ही—
- रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे
- सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कर सकेंगे
- सहायता और लाभ की स्थिति जान सकेंगे
- श्रम विभाग से सीधे संपर्क कर सकेंगे
यह ऐप विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उपयोगी साबित होगा, जो अक्सर जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते थे।
श्रमिक कल्याण योजनाओं से लाखों लोगों को मिल रहा लाभ
छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। राज्य में अब तक 33 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
कुछ प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं—
- मिनीमाता महतारी जतन योजना
- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना
- नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना
- निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना
- आवास सहायता योजना
- निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना
- दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना
इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
शिक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष जोर
सरकार द्वारा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत हर वर्ष कक्षा 6वीं में प्रतिभाशाली बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। वर्तमान में कई जिलों के विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और उनकी संख्या बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, श्रमिकों को नई तकनीक और कौशल से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।

डिजिटल सेवाओं से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा
सरकार ने डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के माध्यम से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित की जा रही है, जिससे योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
इसके साथ ही “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” और मोबाइल कैंप जैसे नवाचारों के जरिए दूर-दराज क्षेत्रों के श्रमिकों तक भी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ई-श्रम साथी ऐप जैसी डिजिटल पहल से श्रमिकों को नई सुविधाएं मिलेंगी और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। सरकार का यह प्रयास न केवल श्रमिकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करेगा।
