Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने बिजली बिल के लेट पेमेंट सरचार्ज को लेकर जारी भ्रम पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि नई व्यवस्था उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। अब उपभोक्ताओं से पूरे महीने का सरचार्ज लेने के बजाय केवल वास्तविक देरी के दिनों के आधार पर शुल्क लिया जाएगा।
पुरानी व्यवस्था में होता था ज्यादा भुगतान
पावर कंपनी के अनुसार, पहले यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद केवल एक या दो दिन की देरी से भी बिल जमा करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।
नई व्यवस्था में प्रतिदिन 0.04 प्रतिशत शुल्क
संशोधित नियमों के तहत अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता जितने दिन भुगतान में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा। इससे लेट फीस की गणना अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी हो गई है।
एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क
नई व्यवस्था के अनुसार यदि बिल भुगतान में केवल एक दिन की देरी होती है तो पूरे महीने का सरचार्ज नहीं लगेगा। उपभोक्ता को केवल 0.04 प्रतिशत का ही विलंब अधिभार देना होगा।
30 दिन की देरी पर भी पहले से कम सरचार्ज
यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन बाद बिजली बिल जमा करता है, तब भी कुल विलंब अधिभार 1.2 प्रतिशत ही होगा, जो पहले लागू 1.5 प्रतिशत मासिक सरचार्ज से कम है। इससे लंबी देरी की स्थिति में भी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
भ्रामक खबरों से बचने की अपील
पावर कंपनी ने कहा है कि नई व्यवस्था में सरचार्ज बढ़ाया नहीं गया है, बल्कि उसे अधिक न्यायसंगत और उपभोक्ता हित में बनाया गया है। कंपनी ने आम लोगों और समाचार माध्यमों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं से बचें और सही जानकारी ही साझा करें।
