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CBSE: नोएडा के इस स्कूल की मान्यता CBSE ने रद्द की, सैंकड़ों छात्रों के भविष्य पर संकट!

नोएडा
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CBSE: नोएडा के सेक्टर-56 में स्थित Uttarakhand Public School की सीबीएसई मान्यता रद्द कर दी गई है। यह फैसला Central Board of Secondary Education (CBSE) ने गंभीर शिकायतों के बाद लिया। अब स्कूल कक्षा 9 से 12 तक सीबीएसई बोर्ड के तहत पढ़ाई नहीं करा पाएगा। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्या थीं शिकायतें?

स्कूल के कुछ शिक्षकों ने प्रबंधन पर मानसिक उत्पीड़न, गलत व्यवहार और वेतन में गड़बड़ी जैसे आरोप लगाए थे। महिला शिक्षिकाओं के साथ अनुचित व्यवहार की बात भी सामने आई। इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच करवाई। जांच में कई आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीबीएसई ने अपने स्तर पर भी जांच की और अंत में स्कूल की संबद्धता रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।

छात्रों की पढ़ाई पर असर

इस फैसले के बाद कक्षा 9 और 11 के छात्रों को दूसरे सीबीएसई स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई जारी रह सके। वहीं कक्षा 10 और 12 के छात्र इस शैक्षणिक सत्र की बोर्ड परीक्षा अपने मौजूदा स्कूल से दे सकेंगे। स्कूल को नए प्रवेश लेने और ऊंची कक्षाओं में प्रमोशन देने की अनुमति भी नहीं होगी।

ANSPA का बयान

इस पूरे मामले पर ANSPA के महासचिव K Arunachalam का कहना है कि ANSPA की टीम जल्द ही डीएम से मुलाकात करेगी। उनका मानना है कि इस फैसले से बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि या तो स्कूल का मैनेजमेंट बदला जाए या फिर प्राधिकरण इस स्कूल को अपने अधीन लेकर संचालन करे, ताकि छात्रों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रह सके।

सख्त संदेश क्यों?

सीबीएसई के नियम साफ कहते हैं कि हर स्कूल को शिक्षकों और छात्रों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना जरूरी है। यदि कोई संस्था नियमों का पालन नहीं करती, तो बोर्ड को कार्रवाई करनी होती है। यह फैसला बाकी स्कूलों के लिए भी एक संदेश है कि नियमों और नैतिकता से समझौता नहीं किया जा सकता।

नोएडा के इस स्कूल की मान्यता रद्द होना शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की जरूरत को दिखाता है। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। यह घटना बताती है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सम्मान सबसे ज्यादा जरूरी है।