Bihar News: बिहार सरकार ने गोपालगंज के सासामूसा चीनी मिल से जुड़े करीब 14 हजार गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में किसानों के बकाया ईख मूल्य के भुगतान के लिए 42.99 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले से वर्षों से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को उनका हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
14 हजार किसानों को मिलेगा बकाया भुगतान
सासामूसा चीनी मिल बंद होने के बाद हजारों किसानों का गन्ना मूल्य लंबे समय से बकाया था। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और गन्ना उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मिल चालू होने की बढ़ी उम्मीद
राज्य सरकार का कहना है कि किसानों के बकाया भुगतान के बाद क्षेत्र में गन्ना खेती को नई गति मिलेगी। इससे सासामूसा चीनी मिल के दोबारा संचालन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। माना जा रहा है कि मिल के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा।
500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का रास्ता साफ
सरकार के अनुसार सासामूसा चीनी मिल परियोजना के पुनर्जीवन से 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की संभावना है। इससे चीनी उद्योग के साथ-साथ इथेनॉल और बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। बिहार में चीनी उद्योग को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किसानों के हित में सरकार का बड़ा फैसला
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करना और नई मिलों की स्थापना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
मंत्री ने कहा कि सासामूसा मिल के किसानों का बकाया भुगतान लंबे समय से लंबित था और सरकार ने इसे प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी है।
रीगा चीनी मिल मॉडल को दोहराने की तैयारी
सरकार इससे पहले सीतामढ़ी की रीगा चीनी मिल से जुड़े किसानों के बकाये के भुगतान के लिए 51.31 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है। इसके बाद एनसीएलटी प्रक्रिया पूरी होने पर रीगा मिल के संचालन का रास्ता खुला और किसानों को उनका भुगतान भी मिला।
अब सरकार को उम्मीद है कि सासामूसा चीनी मिल के मामले में भी इसी तरह सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
गन्ना किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि मिल के दोबारा शुरू होने से गोपालगंज और आसपास के जिलों में गन्ना खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
चीनी, इथेनॉल और बिजली उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
नई औद्योगिक गतिविधियों के साथ सासामूसा क्षेत्र में चीनी उत्पादन के अलावा इथेनॉल और बिजली उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे राज्य की औद्योगिक और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
