Bihar News: राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से चल रही पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, बैंक ऋण प्रक्रिया, कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के आच्छादन और मॉडल सोलर विलेज के निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

2026-27 तक 4.82 लाख घरों में लगेंगे सोलर रूफटॉप
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बिहार में लगभग 4.82 लाख घरों को सोलर रूफटॉप से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित सब्सिडी दी जा रही है:
- 1 किलोवाट प्लांट: ₹30,000 सब्सिडी
- 2 किलोवाट प्लांट: ₹60,000 सब्सिडी
- 3 किलोवाट या अधिक: अधिकतम ₹78,000 सब्सिडी
इसके अलावा उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए 6% की किफायती ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
लोन प्रक्रिया आसान बनाने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सोलर सिस्टम लगाने के लिए ऋण लेने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए। जिलाधिकारियों को विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां ऋण आवेदन, स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि छोटे सोलर प्लांट (3 किलोवाट से कम) के मामलों में बैंकों द्वारा पैन कार्ड या आय प्रमाण पत्र जैसे अनावश्यक दस्तावेज मांगने की प्रथा पर रोक लगाई जानी चाहिए। सभी बैंकों को तय मानक दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा और इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य
योजना के तहत अगले 4 वर्षों में लगभग 58 लाख कुटीर ज्योति (KJ) उपभोक्ताओं के घरों को सोलर सिस्टम से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
वर्तमान में अक्टूबर 2026 तक करीब 2.5 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की स्वीकृति दी जा चुकी है। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जीविका दीदियों की मदद ली जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का लाभ तेजी से पहुंच सके।
हर जिले में बनेगा एक मॉडल सोलर विलेज
राज्य के प्रत्येक जिले में एक मॉडल सोलर विलेज विकसित किया जाएगा। इसके लिए चयनित गांव को 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शेष जिलों में जल्द से जल्द योग्य गांवों का चयन करें और योजना की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें।
