Bihar News: बिहार में एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं और बच्चों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। महिला एवं बाल विकास निगम ने छांव फाउंडेशन के साथ मिलकर एक खास पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य पीड़ितों को सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि एक बेहतर और आत्मनिर्भर जीवन देना है।
क्या है इस योजना का लक्ष्य
इस कार्यक्रम के तहत राज्य के करीब 160 सर्वाइवर्स को मदद दी जाएगी। इसमें उन्हें चिकित्सा, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। यह पहल सिर्फ मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास है।
20 दिन का विशेष कार्यक्रम
15 अप्रैल से 5 मई तक पटना में एक 20 दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान विशेषज्ञ टीम हर पीड़ित से मिलकर उनकी जरूरतों को समझ रही है। उनकी मानसिक स्थिति, शारीरिक स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक चुनौतियों पर ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़ सके।
समग्र पुनर्वास पर जोर
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें हर पहलू को ध्यान में रखा गया है। सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक सहयोग और रोजगार प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इससे सर्वाइवर्स को एक नई शुरुआत करने का मौका मिलेगा।
सरकार का नजरिया
इस योजना पर बात करते हुए बंदना प्रेयषी ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ित अक्सर समाज के कमजोर वर्ग से आते हैं और उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक जीवन देना और आत्मनिर्भर बनाना है।
समाज के लिए एक संदेश
यह पहल सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश है कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। अगर सही सहयोग मिले, तो कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी फिर से संवार सकता है।
