Bihar News: Nitish Kumar एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में हैं। साल 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन शपथ लेने के करीब 105 दिन बाद ही उनके राज्यसभा जाने की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
इस खबर के सामने आने के बाद जेडीयू के कई कार्यकर्ता हैरान और नाराज़ दिखाई दिए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी मुख्यमंत्री पद छोड़ने की बात सामने आएगी।
कार्यकर्ताओं में नाराज़गी और विरोध
जब यह खबर सामने आई कि Nitish Kumar राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जेडीयू कार्यकर्ताओं में काफी नाराज़गी देखने को मिली।
पटना में पार्टी कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के बाहर कई कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए। कुछ जगहों पर विरोध भी हुआ और नाराज़ कार्यकर्ताओं ने पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ तक कर दी।
कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला अचानक लिया गया है और उन्हें इसके बारे में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। कुछ लोगों को अब भी उम्मीद है कि नीतीश कुमार अपना फैसला बदल सकते हैं।
राज्यसभा जाने की क्या है वजह
नीतीश कुमार के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार वह अपनी इच्छा से राज्यसभा जाना चाहते हैं। लेकिन राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वहीं कुछ का कहना है कि पार्टी के अंदर के कुछ नेताओं की भूमिका भी इसमें हो सकती है।
हालांकि अभी तक इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
बेटे निशांत कुमार को लेकर भी अटकलें
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद एक और चर्चा तेज हो गई है। वह है उनके बेटे Nishant Kumar का भविष्य।
राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में निशांत कुमार को राजनीति में लाया जा सकता है। हालांकि अब तक उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई है।
फिर भी कई लोग मानते हैं कि अगर ऐसा होता है तो यह जेडीयू की नई राजनीतिक रणनीति हो सकती है।
बिहार की राजनीति में अगला कदम क्या होगा
अगर Nitish Kumar वास्तव में राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार में नया मुख्यमंत्री कौन होगा, यह बड़ा सवाल बन सकता है।
यह भी चर्चा है कि अगला मुख्यमंत्री जेडीयू से होगा या एनडीए गठबंधन की किसी दूसरी पार्टी से। फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
